Tuesday, Jun 28, 2022
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ration cards cancelled in other states, now cutting rounds in delhi

अन्य राज्यों में निरस्त हुआ राशनकार्ड, अब काट रहे हैं दिल्ली में चक्कर

  • Updated on 9/2/2021

नई दिल्ली/अनामिका सिंह। गांव में राशनकार्ड बनवाकर दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरी के लिए निकले अप्रवासी मजदूर ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड’ का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। हालात यह है कि मजदूर रोजाना एक राशन की दुकान से दूसरी दुकान पर भटकते हैं कि शायद कहीं तो उनका राशनकार्ड चल ही जाएगा। लेकिन जिस राज्य से वो संबंध रखते हैं उन राज्यों द्वारा उनका राशनकार्ड निरस्त कर दिया गया है। जिसकी वजह से वो दिल्ली मे उक्त योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

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10 लाख हैं दिल्ली में अप्रवासी मजदूर
मालूम हो कि राजधानी में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, ओड़ीसा व राजस्थान के करीब 10 लाख अप्रवासी मजदूर निर्माण, घरेलू सहायक, चैकीदारी व लोडिंग- अनलोडिंग सहित अन्य छोटे-बड़े काम करते हैं। इनके राशनकार्ड गृह राज्यों में बने हुए हैं। जब प्रधानमंत्री ने वन नेशन, वन राशनकार्ड की धोषणा की तो ये अपना राशनकार्ड लेकर दिल्ली आ गए कि अब कम से कम खाने-कमाने की परेशानी नहीं होगी।

लेकिन दिल्ली में वन नेशन, वन राशनकार्ड को हरी झंडी जुलाई 2021 के अंत में पूरे राज्य में दिखाई गई। वहीं तीन महीने लगातार राशन नहीं लेने की वजह से इन मजदूरों के राशनकार्ड नियमतः इनकी राज्य सरकारों के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा रद्द कर दिए गए हैं। ऐसे में ये अप्रवासी मजदूर ना तो दिल्ली में राशन ले पाए और ना ही अब अपने गृह राज्यों में जाकर ले पाएंगे।

वहीं खाद्य एवं आपूर्ति के एक उच्चाधिकारी ने नाम ना छापे जाने की शर्त पर बताया कि यदि जिन अप्रवासी मजदूरों के राशनकार्ड निरस्त हो गए हैं वो दोबारा विभाग में अपील कर शुरू करवा सकते हैं। लेकिन दिल्ली से शुरू नहीं होंगे इसके लि उन्हें अपने राज्यों में ही आवेदन करना होगा।

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आईएमपीडीएस भी बना मुसीबत
दिल्ली में हर महीने देरी से राशन वितरण भी अन्य राज्यों के राशनकार्डधारियों के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। क्योंकि जब अन्य राज्यों में राशन वितरण समाप्त करने का समय आता है तब दिल्ली में प्रारंभ होता है, जिससे आईएमपीडीएस दिल्ली में सपोर्ट नहीं करता और अप्रवासी मजदूर राशन लेने से चूक जाते हैं। बता दें कि आईएमपीडीएस राष्ट्रीय सर्वर है। जबकि दिल्ली के लिए एईपीडीएस से राशन वितरित किया जाता है।
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राशनकार्ड दोबारा करवाना पड़ेगा शुरू, कैसे जाएं गांव
दिहाड़ी मजदूरी में लगे उत्तर प्रदेश के बलिया से आए राकेश ने कहा कि उसका राशनकार्ड बंद हो गया है। अब उसे राशन नहीं मिल पा रहा है। कई राशन दुकानदारों से पूछा तो उन्होंने गांव जाकर राशनकार्ड दफ्तर में अधिकारी से बात कर दोबारा शुरू करवाने के लिए कहा है। अब गांव जाएंगे तो बेकार का पैसा खर्च होगा, समझ नहीं आ रहा कि परिवार को छोड़कर कैसे जाएं।

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