Thursday, Apr 02, 2020
ravi shankar shaheen bagh''''s voice is not the voice of muslims from all over the country

शाहीन बाग की आवाज पूरे मुल्क के मुस्लिमों की आवाज नहीं: रविशंकर

  • Updated on 1/30/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने कहा कि शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में प्रदर्शन कर रहे लोग पूरे मुल्क के मुसलिमों की आवाज नहीं हैं,लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में बेहद मुश्किलें हो रही हैं। मैं बड़े अदब से कहना चाहता हूं कि क्या कुछ सौ लोग मिलकर लाखों लोगों की आवाज दबा सकते हैं। वहां दुकानें बंद हैं, लोगों को दिक्कत हो रही है।

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हिंदू समाज की बेटियां हो रही परेशान
शाहीन बाग के कई मुसलिम प्रदर्शन को जल्द खत्म करने के पक्षधर हैं। वे कहते हैं कि सरकार से बात करने के पक्षधर हैं, लेकिन यदि आप सरकार से बातचीत करना चाहते हैं तो पहले तय करना होगा कि सब मिलकर आइए।

उन्होंने कहा कि जो लोग दुनिया में या भारत में सीएए का विरोध कर रहे  हैं उनकी जुबान तब क्यों खामोश हो जाती है जब पाकिस्तान में हिंदू समाज की बेटियां परेशान होती हैं या फिर जब किसी सिख की बेटी को बलपूर्वक इस्लाम कबूल करवा के शादी करवा दी जाती है।

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बाहरी गैर मुस्लिम की पीड़ा समझे
अफगानिस्तान में किसी समय 3-4 लाख सिख होते थे जो अब सिर्फ 200 बचे हुए हैं। विरोध करने वाले लोगों से गुजारिश करूंगा कि जो हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, पारसी और जैन भारत आएं हैं कभी उनसे बात करके उनकी पीड़ा समझें।

मंत्री ने कहा कि  जब मनमोहन सिंह, अशोक गहलोत और तरुण गोगोई पड़ोसी देशों में अल्पसंख्यकों के हित की बात करें तो वो ठीक, लेकिन अगर हम करें तो गलत, भला ये कैसी बात है?

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मुस्लिम समाज को सीएए से कोई परेशानी नहीं है
एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में रविशंकर ने कहा कि लोग अपनी बात रखने के लिए विरोध कर रहे हैं, अच्छी बात है, लेकिन मेरी मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों से एक गुजारिश है कि यदि उन्हें सीएए से कोई परेशानी नहीं है तो अपने समाज में भी लोगों से बातचीत करें और उन्हें सीएए के प्रति संवेदनशील और जागरूक करें। 

मंत्री ने एनपीआर के मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि सेंसस हर 10 साल में होता है, इस बार 2021 में होगा,ये पिछले 150 सालों से होता आ रहा है। एनपीआर उनके लिए है जो भारत में रहते हैं, नागरिक होना जरूरी नहीं है।

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