RBI ने किया क्रेडिट पॉलिसी का खुलासा, जानें रेपो रेट में कितना हुआ बदलाव

  • Updated on 12/5/2018

नई दिल्ली/टीम डिजिटल।  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज अपनी क्रेडिट पॉलिसी का खुलासा कर दिया है। इस पॉलिसी का असर सीधे आम जनता पर पड़ने वाला है। बैठक के दौरान आरबीआई ने फैसला किया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि आरबीआई ने ये फैसला मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी कच्चे तेल के दामों में कमी, खाद्य वस्तुओं की कम महंगाई और ग्रोथ के हालात को देखते हुए ये फैसला लिया। 

रेपो रेट में कोई भी बदलाव ना होने की वजह से ये दर 6.5 फीसदी ही है। इससे पहले जब क्रेडिट पॉलिसी की समीक्षा की गई थी तब रेपो रेट में बदलाव करके आरबीआई ने सबको चौंका दिया था। इस बार भी इसमें कोई बदलाव ना करते हुए इसे होल्ड कर दिया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अक्टूबर मार्च अवधि में जीडीपी ग्रोथ 7.2 से 7.3 फीसदी के बीच रह सकती है। 
बैंकों का सारा पैसा चुकाने के लिए तैयार माल्या, खुद ट्वीट कर दिया ये ऑफर

रिटेल महंगाई में इजाफा 
आरबीआई के मुताबिक अक्टूबर- मार्च अवधि में रिटेल महंगाई 2.7 से 3.2 फीसदी के बीच रह सकती है। आरबीआई ने एसएलआर में 0.25 फीसदी की कटौती की है। एसएलआर की मौजूदा दर 0.5 फीसदी है। आरबीआई ने कहा कि जनवरी-मार्च से एसएलआर में गर तिमाही 0.25 फीसदी की कटौती की जाएगी। इस बैठक में रेपो रेट को 6.25 फीसदी पर बरकरार रथा गया है। 
IL&FS कर्ज संकट पर निदेशक मंडल के प्रमुख उदय कोटक ने हाथ खड़े किए

रेपो रेट का क्या होगा असर
दरअसल रेपा रेट का सीध-सीधा असर लोन पर पड़ता है। बता दें कि रेपो रेट वो दर होची है जिसके आधार पर आरबीआई बैंको को कर्ज देता है। बैंक इस कर्ज से अपने कस्टमर को लोन देते है। अगर रिजर्व बैंक ये दर बढ़ा देता है तो सभी बैंको को महंगा लोन मिलता है। इस वजह से वो भी कस्टमर के लिए लोन की दरों में बढ़ोतरी कर देते हैं। 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.