Monday, Oct 03, 2022
-->
rbi did not change policy rate, retains growth rate forecast at 9.5%  prshnt

RBI ने नीतिगत दर में बदलाव नहीं किया, वृद्धि दर अनुमान 9.5% पर बरकरार

  • Updated on 8/6/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति के तहत नीतिगत दर रेपो में कोई बदलाव नहीं किया और इसे चार प्रतिशत पर बरकरार रखा। आरबीआई ने नरम रुख को बरकरार रखा है, क्योंकि अर्थव्यवस्था अभी पूरी तरह से कोविड-19 संकट से उबर नहीं पायी है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 9.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है।

पश्चिम बंगाल पेगासस जांच आयोग के तौर तरीकों को इसी हफ्ते दिया जाएगा अंतिम रूप

नीतिगत दर में किया था बदलाव
यह लगातार सातवां मौका है जब आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर के मामले में यथास्थिति बनाये रखी है। आरबीआई ने मांग बढ़ाने के इरादे से 22 मई, 2020 को नीतिगत दर में बदलाव किया था और इसे रिकार्ड न्यूनतम स्तर पर लाया था। दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की डिजिटल तरीके से जानकारी देते हुए कहा कि एमपीसी ने आम सहमति से रेपो दर को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखने का निर्णय किया है।

रास में विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी, बैठक दिन भर के स्थगित

मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर बरकरार रखने की जिम्मेदारी
इसके साथ रिवर्स रेपो 3.5 प्रतिशत पर बना रहेगा। दास ने कहा कि एमपीसी ने आॢथक वृद्धि को गति देने तथा मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अंतर्गत रखने के लिये जबतक जरूरत हो, नरम रुख बरकरार रखने का फैसला किया है। एमपीसी को 2 प्रतिशत घट बढ़ के साथ मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर बरकरार रखने की जिम्मेदारी मिली हुई है। 

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा की। इसकी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:     

  • मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने लगातार सातवीं बार प्रमुख नीतिगत दर (रेपो) को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा।      
  • इसके परिणामस्वरूप रिवर्स रेपो भी 3.35 प्रतिशत पर कायम।     
  • बैंक दर 4.25 प्रतिशत पर बरकरार।     
  • रिजर्व बैंक आॢथक वृद्धि को गति देने के लिये मौद्रिक नीति के रुख को नरम बनाये रखेगा।     
  • खुदरा मुद्रास्फीति 2021-22 में 5.7 प्रतिशत पर रहने का अनुमान, अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में घटकर 5.1 प्रतिशत पर आने की संभावना।     
  • रिजर्व बैंक ने जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा।     
  • आरबीआई ने जी-सैप (सरकारी प्रतिभूति खरीद कार्यक्रम) दो के तहत अगस्त में 25,000-25,000 करोड़ रुपये की दो और नीलामी का प्रस्ताव किया।     
  • फरवरी 2019 से रेपो दर में 2.5 प्रतिशत की कटौती, बैंक ब्याज दर में 2.17 प्रतिशत की कमी।     
  • आरबीआई ने कहा कि घरेलू बाजार में कर्ज की लागत कम हुई है।      
  • सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई), आवास और बड़े उद्योगों के लिये नीतिगत दर में कटौती का लाभ बेहतर रहा  है।     
  • व्यक्तिगत आवास ऋण और वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र के लिये ब्याज दरों में उल्लेखनीय कटौती अर्थव्यवस्था के लिये बेहतर साबित हुई है।     
  • आरबीआई ने नकदी के मोर्चे पर अतिरिक्त उपायों की घोषणा की।     
  • कोविड महामारी के बाद से आरबीआई ने उसके दुष्प्रभाव को कम करने के लिये 100 से अधिक उपायों की घोषणा की।
  •  मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 6 से 8 अक्टूबर को होगी। 

 

यहां पढ़े अन्य बड़ी खबरें...

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.