recession in indiafinance minister suggested these steps to strengthen the sluggish economy in india

मंदी पर मरहम: सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्त मंत्री ने सुझाए ये उपाए

  • Updated on 8/24/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। सरकार (Government)ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था (Economy) में जान फूंकने के लिए शुक्रवार को कई उपायों की घोषणा की। सरकार ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (Foreign portfolio investors) और घरेलू निवेशकों की शेयरों की खरीद-फरोख्त से होने वाली आय पर ऊंचे कर-अधिभार को वापस ले लिया और इस मामले में पुरानी स्थिति बहाल कर दी। 

इन  कंपनियों के लिए अलग से छूट
इसके अलावा, स्टार्टअप कंपनियों (Startup Companies ) को  एंजल कर से छूट, मुश्किल में फंसे वाहन उद्योग के लिए राहत उपाय और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये की अग्रिम पूंजी डालने की घोषणा की। इससे बैंक अधिक मात्रा में नकदी उपलब्ध करा सकेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को इन उपायों की घोषणा खासतौर पर बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में की। उन्होंने कहा कि मांग बढ़ाने के लिए  बैंकों ने घर और वाहन के लिए कर्ज पर ब्याज दर घटाने का फैसला किया है। इससे आम आदमी के विभिन्न कर्ज की ईएमआई में कमी आएगी। वित्त मंत्री ने वादा किया सुधार और उपायों की घोषणा अगले हफ्ते भी जारी रहेगी।

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रीयल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े कदमों की घोषणा अगले हफ्ते की जाएगी
सीतारमण ने एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए, उनके अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के अंदर करने को कहा है। इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुरू में ही 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डाली जाएगी। इससे बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये तक की नकदी जारी करने में सक्षम होंगे। रीयल एस्टेट क्षेत्र में सुधार के लिए आवास वित्त कंपनियों को अतिरिक्त नकदी सहायता बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये की गई। वाहन क्षेत्र के लिए कई राहत उपाये किए गए हैं। इनमें 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए बीएस-4 उत्सर्जन मानक के वाहन, उनकी पंजीकरण की पूरी अवधि तक परिचालन में बने रहेंगे। साथ ही 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए वाहनों पर 15 प्रतिशत के अतिरिक्त मूल्यह्रास की अनुमति है।  कंपनियों को राहत देते हुए कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामला नहीं माना जाएगा।  

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30 दिनों में जीएसटी रिफंड
ऑटो सेक्टर के लिए भी बड़े ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि मार्च, 2020 तक खरीदे जाने वाले बी.एस.-ढ्ढङ्क इंजन वाले व्हीकल्स को चलाने में कोई भी दिक्कत नहीं होगी। रजिस्ट्रेशन फीस में इजाफे को भी जून, 2020 तक के लिए टाल दिया गया है। 

नीति आयोग के उपाध्यक्ष के बयान पर बवाल 
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने भारतीय अर्थव्यवस्था (Economy) को लेकर कहा कि आज पूरी वित्तीय प्रणाली जोखिम में है और कोई भी पिछले 70 सालों में ऐसी स्थिति से रूबरू नहीं हुआ। राजीव कुमार ने एक कार्यक्रम में कहा कि प्राइवेट सेक्टर में कोई भी कर्ज देने को राजी नहीं है। राजीव ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद नकदी का संकट बढ़ा है। कुमार ने सरकार को लीक से हटकर कदम उठाने की सलाह भी दी। उनके इस बयान को मीडिया में बढ़ चढ़कर दिखाया गया। माना गया कि ये मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर कटाक्ष है। कांग्रेस ने भी इसे लेकर हमला बोला। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट््वीट कर कहा, ‘भाजपा सरकार (BJP government) को अब देश को साफ-साफ बताना चाहिए कि अर्थव्यवस्था की दुर्दशा ऐसी क्यों हो रही है? व्यापार टूट रहा है, उद्योग डगमगा रहे हैं, रुपया कमजोर होता जा रहा है, नौकरियां खत्म हो रही हैं। इससे हो रहे नुकसान की भरपाई कौन करेगा?’ हालांकि बाद में राजीव कुमार ने ट्वीट कर कहा कि उनके बयान को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया।  

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