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विकास को भी तेजी प्रदान करेंगी आवासीय योजनाएंः डा.निरंजन हीरानंदानी

  • Updated on 5/17/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते देश में आवासीय यानि हाउसिंग सेक्टर
में गतिविधियां बढ़ी हैं। सेक्टर में नई परियोजनाओं की शुरुआत से लेकर घरों की बिक्री भी बढ़ी है। किफायती यानि अफोर्डेबल हाउसिंग सेक्टर में खास तौर पर काफी अधिक मांग दर्ज की जा रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी द्वारा किए गए अध्ययन के परिणामों को देखें तो सामने आता है कि सरकार की प्रमुख आवासीय योजनाओं को दिए जा रहे प्रोत्साहन के चलते इस सेक्टर से संबंधित 18.92 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा हुए हैं और अप्रत्यक्ष तौर पर भी 42.57 लाख नई नौकरियां मिली हैं।

इन तथ्यों और सेक्टर के बदलते घटनाक्रमों को सामने रखते हुए डाॅ.निरंजन हीरानंदानी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल ने कहा कि हाउसिंग सेक्टर के लिए संभावनाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घरों के निर्माण की बढ़ती गति के चलते सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री जैसे संबद्ध उद्योगों पर कई गुना सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

संबंधित स्टडी और इसके प्रमुख पहलुओं को पूरी तरह से सकारात्मक करार देते हुए, डा. हीरानंदानी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था के लिए आवास क्षेत्र हमेशा महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि यह संपूर्ण विकास के पैमाने को मापने के लिए सही तस्वीर सामने रखता है। यह सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करता है, करों के रूप में सरकार के लिए काफी अधिक राजस्व उत्पन्न करता है। इसके अलावा ये वेतन पर भी
असर डालता है, जिससे ना सिर्फ इकोनामी पर प्रभाव पड़ता है बल्कि आम लोगों के जीवन स्तर को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

डा.हीरानंदानी ने कहा कि 'इन पहलुओं से अलग अगर आय को कई गुणा बढ़ाने को लेकर संभावनाओं की नजर से देखें तो, तो आवास भारतीय अर्थव्यवस्था में चैथे स्थान पर है। आवास पर खर्च में एक यूनिट की वृद्धि से पांच गुणा अतिरिक्त आय पैदा होने का अनुमान है। रोजगार और आय सृजन का एक प्रमुख योगदानकर्ता, आवास देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद करता है। इसको इस नजर से भी देखा जा सकता है कि आवास सेक्टर को लेकर सरकार की नीतियां
और नई पहलें अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव डालती हैं।'

भारत सरकार आवास क्षेत्र को विवेकपूर्ण नीतियों और प्रधान मंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) और “2022 तक सभी के लिए आवास” सहित कई पहलों के माध्यम से आर्थिक विकास के एक इंजन में बदल रही है। विश्व बैंक की एक अन्य रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि मुक्त बाजारों को बढ़ावा देने के लिए नीतियों ने आर्थिक क्षेत्र में वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद की है, जिससे हाल के दिनों में भारत में विकास हुआ है।

डा. हीरानंदानी ने कहा कि “भारत ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस का अनुसरण कर रहा है - जैसा कि कई अन्य देशों में हैं- जिन्होंने जीडीपी को बढ़ाने के लिए नई ताकत देने के लिए आवास सेक्टर में व्यापक सुधार का उपयोग किया है। इस वास्तविकता को स्वीकार किया गया है कि आवास अर्थव्यवस्था का एक उत्पादक क्षेत्र है और इसे और गति देने की आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी केंद्रों में प्रवास बढ़ने के साथ, हमने आवास इकाइयों की कमी देखी है, इससे पीएमएवाई और आवास जैसी पहल के माध्यम से निपटा जा रहा है। सभी के लिए मांग बढ़ने की उम्मीद है। अनुमानों से पता चलता है कि जनसंख्या की तेजी से वृद्धि आवास के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।”

उन्होंने अंत में कहा कि “हम आने वाले दिनों में आवास क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फंडस की आमद को लेकर उम्मीद करते हैं और भारत सरकार से लगातार बढ़ते प्रोत्साहन के साथ, हाउसिंग सेक्टर अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपनी अहम भूमिका यकीनी तौर पर निभाने के लिए तैयार दिखता है। अर्थव्यवस्था को तेज करने में एक अहम कारक के तौर पर हाउसिंग सेक्टर, सही मायने में, एक शक्तिशाली इंजन के तौर पर उड़ान भरने के लिए पंख फैला चुका है।

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