Thursday, Aug 18, 2022
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पंजाब यूनिवर्सिटी बदलाव, अग्निपथ योजना के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित, BJP ने किया विरोध

  • Updated on 6/30/2022


नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पंजाब विधानसभा ने केंद्र की अग्निपथ रक्षा भर्ती योजना के खिलाफ बृहस्पतिवार को एक प्रस्ताव पारित किया। भारतीय जनता पार्टी के दो विधायकों अश्विनी शर्मा और जांगी लाल महाजन ने प्रस्ताव का विरोध किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में इस प्रस्ताव को पेश किया। प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए मान ने कहा कि वह जल्द ही अग्निपथ योजना के मुद्दे को प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष उठाएंगे। अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए मान ने कहा कि यह योजना देश के युवाओं के विरुद्ध है।  

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विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक प्रताप सिंह बाजवा ने मांग की कि अग्निपथ योजना वापस ली जाए। अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया और योजना को वापस लिए जाने की मांग की। प्रस्ताव के अनुसार, सदन राज्य सरकार से यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाने की सिफारिश करता है ताकि अग्निपथ योजना को तत्काल वापस लिया जा सके। मान ने प्रस्ताव को पढ़ते हुए कहा, ‘‘भारत सरकार द्वारा अग्निपथ योजना पर एकतरफा घोषणा ने पंजाब सहित सभी राज्यों में व्यापक प्रतिक्रियाएं देखी हैं।’’ उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा का मानना है कि ऐसी योजना जिसमें युवाओं को केवल चार साल के लिए नौकरी पर रखा जाएगा, वह न तो राष्ट्रीय सुरक्षा और न ही देश के युवाओं के हित में है। 

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मान ने कहा, ‘‘इस नीति से युवाओं के बीच असंतोष पैदा होने की आशंका है जो जीवनभर देश के सशस्त्र बलों में सेवा देना चाहते हैं।’’ उन्होंने कहा कि यह गौर किया जाना चाहिए कि पंजाब के एक लाख से अधिक सैनिक देश के सशस्त्र बलों में हैं और उनमें से कई हर साल देश की सीमाओं पर अपनी जान की बाजी लगाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब के युवक भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देने को गर्व और सम्मान की बात मानते हैं और अपनी वीरता एवं साहस के लिए प्रसिद्ध हैं। इस योजना ने पंजाब के कई युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है जो नियमित सैनिक के तौर पर सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहते हैं।’’ 

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा चार साल के अनुबंध पर सेना, नौसेना और वायुसेना में साढ़े 17 साल और 21 साल के बीच के युवाओं की भर्ती वाली अग्निपथ योजना लाए जाने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। बाद में उसने इस साल के लिए भर्ती के वास्ते अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी।

पंजाब यूनिवर्सिटी के दर्जे में बदलाव के खिलाफ प्रस्ताव पारित
पंजाब विधानसभा ने बृहस्पतिवार को एक प्रस्ताव पारत कर सिफारिश की है कि राज्य सरकार केंद्र से पंजाब विश्वविद्यालय के ‘दर्जे’ में किसी तरह का फेरबदल नहीं करने की अपील करे। हालांकि भाजपा ने यह सवाल करते हुए इसका विरोध किया कि क्या वाकई इस संस्थान को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाकर उसके दर्जे में बदलाव करने का कोई प्रस्ताव है भी। विधानसभा में भाजपा के दो विधायक अश्विनी शर्मा एवं जंगी लाल महाजन हैं। पंजाब के शिक्षा मंत्री गुरमीत सिंह मीत हायेर ने यह प्रस्ताव पेश किया और कहा कि पंजाब का पंजाब विश्वविद्यालय पर हक है तथा राज्य सरकार केंद्र को उसकी प्रकृति एवं उसके चरित्र में फेरबदल नहीं करने देगी। मंत्री ने कहा, ‘‘ पंजाब विश्वविद्यालय हमारी विरासत है और यह हमारे लिए पहचान का विषय है। ’’ 

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प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘ यह सदन पंजाब विश्वविद्यालय को किसी न किसी बहाने से केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाकर उसके दर्जे में परिवर्तन करने के विषय पर जोर देने की निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा की जा रही कोशिश से चिंतित है।’’  उसमें कहा गया है, ‘‘ यह सदन सर्वसम्मति से महसूस करता है कि पंजाब विश्वविद्यालय के चरित्र को बदलने का कोई भी फैसला पंजाब के लोगों के लिए अस्वीकार्य होगा, इसलिए वह सिफारिश करता है कि इस विश्वविद्यालय की प्रकृति एवं उसके चरित्र में किसी भी तरह के बदलाव पर भारत सरकार द्वारा विचार नहीं किया जाए।’’  

कांग्रेस बोली- मोदी-शाह के नेतृत्व वाली BJP को हर कीमत पर चाहिए सत्ताप्रस्ताव के अनुसार ऐसा कोई भी प्रस्ताव यदि विचाराधीन है तो उसे तत्काल छोड़ दिया जाए। उसमें कहा गया है, ‘‘ यह सदन राज्य सरकार से इस विषय को केंद्र के सामने उठाने की कड़ी संस्तुति करता है ताकि पंजाब विश्वविद्यालय की प्रकृति एवं उसका चरित्र न बदला जाए। ’’ भाजपा विधायक महाजन ने कहा, ‘‘ जब ऐसा कोई प्रस्ताव है ही नहीं, तो फिर इस प्रस्ताव की जरूरत ही क्या है?’’ एक सप्ताह पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यहां पंजाब विश्वविद्यालय की प्रकृति एवं उसके चरित्र में किसी भी तरह के बदलाव को रोकने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं धमेंद्र प्रधान के हस्तक्षेप की मांग की थी।     

 

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