Retail inflation reaches 10 month high amid recession

मंदी की आहट के बीच खुदरा मुद्रास्फीति पहुंची 10 महीने के उच्च स्तर पर

  • Updated on 9/12/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत सरकार  ने आज उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर और औद्योगिक उत्पादन (IIP) के आंकड़े जारी किए हैं। मांस एवं मछली, सब्जियों तथा दालों के दाम बढ़ने से अगस्त महीने में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 3.21 प्रतिशत पर पहुंच गयी। यह 10 महीने का उच्चतम स्तर है। हालांकि, मुद्रास्फीति अभी भी रिजर्व बैंक के लक्ष्य के दायरे में है, इससे नीतिगत दरों में कटौती की संभावना बरकरार है।

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इससे पिछले महीने जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति 3.15 प्रतिशत थी जबकि पिछले साल अगस्त में खुदरा मुद्रास्फीति 3.69 प्रतिशत थी। इससे पहले खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर 2018  में 3.38 प्रतिशत रही थी। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के अगस्त के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त महीने में खाद्य सामग्री वर्ग में 2.99 प्रतिशत मूल्य वृद्धि रही, जो जुलाई में 2.36 प्रतिशत थी।

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खुदरा मुद्रास्फीति स्वास्थ्य क्षेत्र में 7.84 प्रतिशत, पुर्निनर्माण एवं मनोरंजन क्षेत्र में 5.54 प्रतिशत तथा व्यक्तिगत देखभाल क्षेत्र में 6.38 प्रतिशत रही। शिक्षा क्षेत्र में इसकी दर 6.10 प्रतिशत, मांस एवं मछली में 8.51 प्रतिशत, दाल एवं अन्य उत्पादों में 6.94 प्रतिशत तथा सब्जियों के दाम में 6.90 प्रतिशत वृद्धि रही। खुदरा मुद्रास्फीति की दर सबसे अधिक असम में 5.79 प्रतिशत रही। इसके बाद कर्नाटक में 5.47 प्रतिशत और उत्तराखंड में 5.28 प्रतिशत रही।

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खास बात यह रही कि चंडीगढ़ में यह दर शून्य से 0.42 प्रतिशत नीचे रही। इस दौरान देश में ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 2.18 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 4.49 प्रतिशत रही।   

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