Tuesday, Nov 30, 2021
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उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों ने किया किसानों का समर्थन

  • Updated on 3/9/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। उत्तर प्रदेश के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन का ऐलान किया है। भारतीय प्रशासिनक सेवा के पूर्व अधिकारी विजय शंकर पांडे ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों की पिछले दिनों हुई एक बैठक में किसानों का आह्वान किया गया कि वे तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखें और अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दबाव डालें।  

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उन्होंने बताया कि बैठक में सरदार वी. एम. सिंह के राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन तथा कुछ अन्य किसान संगठनों से मिलकर बने उत्तर प्रदेश किसान मजदूर मोर्चा के समर्थन का ऐलान किया गया। पांडे ने बताया कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने में मदद के लिए पूर्व सिविल सेवक और अन्य प्रमुख व्यक्ति जिलों को क्लस्टर में बांटकर पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किए जाएंगे। ये पूर्व अधिकारी बिचौलियों को खत्म करने के लिए जिलाधिकारियों और अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे।  

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उन्होंने बताया कि ये पूर्व अधिकारी विभिन्न किसान संगठनों और निकायों के साथ बातचीत करेंगे और 15 मार्च से जिलों का दौरा करेंगे, गांवों में स्थिति का जायजा लेंगे और उपज की बिक्री के लिए जिला प्रशासन से बात करेंगे। इस बीच वी. एम. सिंह ने सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों के समर्थन के लिए उनका धन्यवाद देते हुए कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ उनका आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है बल्कि उसका स्वरूप बदल गया है। 

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सिंह ने कहा कि अब हर गांव में पांच-पांच किसान इन कानूनों के खिलाफ अनशन करेंगे। इसके अलावा जन सहभागिता से हर हफ्ते गांव में लंगर करके समाज को एकजुट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद उन्होंने उस वक्त चल रहे किसान आंदोलन से कदम खींचने का फैसला किया था, मगर वह अपने मकसद पर कायम हैं।

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