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MP सरकार ने गरीबों को बांटे मवेशियों को खिलाने वाले चावल, सरकारी रिपोर्ट से मचा हड़कंप

  • Updated on 9/2/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। कोरोना संकट (Corona Crisis) से जूझ रहे मध्यप्रदेश (MP) में सरकार द्वारा राज्य के आदिवासियों को घोड़ों और मवेशियों के खाने लायक चावल बंटवाए गए। इस बारे में भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक प्रभाग ने पत्र लिखा है। 

बताया जा रहा है कि कोरोना के चलते आदिवासी समुदाय वाले जिलों में ये चावल बांटे गए। इन जिलों में बालाघाट और मंडला जिले आते हैं। 

इन जिलों में आदिवासियों को घोड़े, मुर्गी और मवेशियों के खाने लायक चावल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए लोगों में बांटे गए। इस बारे में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के एक प्रभाग ने पत्र लिखा है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के खाद्य और जन वितरण विभाग के स्टोरेज एंड रिसर्च डिवीजन विभाग से मध्यप्रदेश सरकार को ये पत्र भेजा गया है। 

इस पत्र को 21 अगस्त को भेजा गया था। इसमें इस बात को लिखा गया है कि 30 जुलाई और 2 अगस्त, 2020 के बीच बालाघाट और मंडला जिलो में चार गोदामों और एक फेयर प्राइस शॉप से चावल के 32 नमूने केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा लिए गए। 

इन जांच नमूनों को एनएबीएल NABL से मान्यता प्राप्त सेंट्रल ग्रेन्स एनालिसिस लैबोरेट्री में हुई। जिसमें पता चला कि ये चावल इंसानों के खाने लायक नहीं हैं बल्कि ये मवेशियों के खाने वाले चावल हैं। 

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यहां ये बता दें कि जिस लैब इन चावलों की जांच की गई वो लैब भारत के साथ-साथ सार्क (दक्षिण एशियाई सहयोग क्षेत्र) के अन्य देशों के लिए भी रेफरल लैब है। लैब से मिली जांच में साफ़ कहा गया है कि ये चावल इंसानों के खाने के लिए नहीं हैं और 1-a  कैटेगरी में आते हैं यानी ये अनाज सिर्फ मवेशियों के खाने के लिए ही है।

वहीँ, एमपी सरकार को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 32 लिए गए नमूनों के विश्लेषण से पता चलता है कि ये चावल न सिर्फ अस्वीकृति सीमा से बाहर हैं बल्कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI)  के पीएफए मानकों के खिलाफ है। ये फीड 1 की श्रेणी में आते हैं जो कि बकरी, घोड़े और भेड़ जैसे पशुओं को खिलाने के लिए हैं।'

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उधर, एमपी सरकार ने केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से लिखे गए ऐसे किसी भी पत्र की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया है। वही, इस मामले को लेकर अब विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य की बीजेपी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि सिर्फ प्रचार ही है, काम कुछ नहीं। साथ ही कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। 

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