Sunday, Oct 17, 2021
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RO plant water is not even potable, failed in sample test

आरओ प्लांट का पानी भी नहीं पीने योग्य, सैंपल जांच में फेल

  • Updated on 9/8/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। स्वच्छ पानी की तलाश में अधिकांश लोग आरओ प्लांट से तैयार बड़ी पानी की बोतल मंगवाकर पीते है। लेकिन यह पानी भी आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की जांच में हुआ है। विजयनगर स्थित एक आरओ प्लांट से लिए गए पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। इसके अलावा एक निजी स्कूल से भी लिया गया पीने का पानी का सैंपल भी फेल पाया गया है। यह पानी टीडीएस मानकों के अनुसार नहीं मिला। 
 

स्वास्थ्य विभाग का इन दिनों डेंगू, मलेरिया की रोकथाम पर जोर है, इसके अलावा पानी की जांच भी की जा रही है। जिसके तहत नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रूप से टीमें पानी का सैंपल ले रही है। इसी कड़ी में विजयनगर की सुदामापुरी में चल रहे पुरुषोत्तम आरओ प्लांट से दो सैंपल लिए गए थे। साथ ही विजय नगर के एक निजी स्कूल से भी सैंपल लिया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि आरओ प्लांट से लिए दोनों सैंपल व स्कूल से लिया गया सैंपल जांच में फेल पाया गया है। दोनों ही स्थानों का पानी पीने योग्य नहीं है। जबकि आरओ प्लांट से रोजाना सैकड़ों कैन पानी की सप्लाई की जाती है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि दोनों को नोटिस जारी कर पानी की गुणवत्ता सही करने के निर्देश दिए गए है। कुछ दिनों बाद फिर दोनों स्थानों पर दोबारा से जांच करवाई जाएगी। यदि दूसरी बार भी जांच में सैंपल फेल पाए गए तो कार्रवाई के लिए प्रशासन को लिखा जाएगा। 


स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह 
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि गंदा पानी कई तरह की बीमारियों को न्यौता देता है। पानी में टीडीएस की मात्रा मानक से ज्यादा होने पर पेट खराब होने के साथ हड्डियों, किडनी, लिवर और रक्त संबंधी रोग होने की भी आशंका रहती है। बताया कि पीने का पानी पारदर्शी, रंगहीन और गंधहीन होना चाहिए।
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