Wednesday, Apr 14, 2021
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roads of raipur will be deserted again from april 9 to april 19 approved the lockdown albsnt

Corona का कहर! फिर से रायपुर की सड़कें होगी वीरान, 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक Lockdown लागू

  • Updated on 4/7/2021

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। बीते साल के अंत में जब कोरोना वायरस (Corona Virus) कमजोर हुई तो केंद्र सरकार समेत राज्य सरकारों ने लॉकडाउन समेत काफी राहत दी। जिसका नतीजा रहा कि सड़कों पर फिर से लौटी भीड़ कोरोना को लेकर लापरवाही बरतनी शुरु की। बढ़ते कोरोना के खतरा से निपटने के लिये भले ही वैक्सीन रुपी हथियार हो लेकिन  लॉकडाउन रुपी विकल्प का सहारा फिर से लिया जाने लगा है।आज फिर से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। 

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महाराष्ट्र में भी लगा वीकेंड लॉकडाउन

रायपुर में फिर से लॉकडाउन और इससे पहले महाराष्ट्र में वीकेंड लॉकडाउन इंगित करता है कि देश के आमजनों ने जिस तरह से बड़े पैमाने पर कोरोना को लेकर लापरवाही बरती उससे यह जानलेवा वायरस फिर से डराने लगा है। हालांकि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि कोरोना वैक्सीन के तौर पर केंद्र सरकार की अनूठी पहल से जरुर इस वायरस को हराया जा सकता है। लेकिन यहां भी वहीं मानसिकता उजागर हुई कि जिसमें 'सबकुछ सरकार के ही भरोसे' हम लोग जीतना चाहते है। आमजनों के मन में घर कर गई कि एक बार वैक्सीन लगा लेने के बाद बैपरवाह होकर हरकुछ किया जा सकता है।

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मास्क पहने और दो गज दूरी का करें पालन

सवाल उठता है कि जब तक कोरोना वायरस का खात्मा नहीं हो जाता तब तक आखिर मास्क पहनने और सामाजिक दूरी जैसे बुनियादी नियमों का भी पालन करने से क्यों परहेज किया जाता है? जब कि आंकड़े दिखा रहा है कि पिछले साल से ही लगातार कोरोना की चपेट में आने के कारण असमय लोगों की मौत हुई। यह सही है कि लंबे समय तक लॉकडाउन लागू नहीं किया जा सकता। इससे सिर्फ व्यक्ति ही नहीं देश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा गहरा धक्का पहुंचता है।

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कोरोना के चक्र को तोड़ना जरुरी

शायद 'जान है तो जहान है' को जेहन में रखकर मास्क का उपयोग करते हुए अगर हम सभी अपने काम पर मुश्तैदी से निकलते तो निश्चित रुप से कहा जा सकता है कि कोरोना फिर से इतना मजबूत नहीं हो पाता। लेकिन अफसोस फिर से देश में लॉकडाउन का चक्र शुरु हो गया है। अब देखना होगा कि अन्य राज्य भी न-नुकुर करते-करते लॉकडाउन लागू करगें या नहीं- लेकिन इतना तो तय है कि कोरोना के चक्र को तोड़ने के लिये सरकार को बहुत ही गंभीरता से विचार करना पड़ेगा।  

 

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