Wednesday, May 12, 2021
-->
round of lockdown again! people lying in the house and the roads of delhi came to a standstill

फिर से लौटा Lockdown का दौर! घर में दुबके लोग और थम गई दिल्ली की सड़कें...

  • Updated on 4/17/2021

नई दिल्ली/कुमार आलोक भास्कर। कहते है कि 'इतिहास अपने को दोहराता है'। इसकी एक ताजा बानगी देखनी हो तो फिलहाल दिल्ली (Delhi) की सड़कें फिर से साल 2020 की गवाही दे रही है। यह सूनी-शांत पड़ी सड़कों पर जहां कल तक बेतहाशा भीड़ और दौड़ती गाड़ियों का बोलबाला था। लेकिन आज न कहीं शोर है और न रेड लाइट पर खड़ी कतार में कोई गाड़ियां है। 

सवा लाख से ज्यादा मिले Corona मरीज, क्या वैक्सीन, लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू से टूटेगा चक्र?

जब दिखी चारों और लापरवाही...

बीते साल की ही तरह एक बार फिर दिल्ली की सड़कें वीरान पड़ी है। सच कहिये तो आज यह सड़क हम इंसानों पर हंस रही है। हमारे विकास पर सवाल उठा रही है। साथ ही वो कुछ संदेश देना चाह रही है लेकिन शायद ही हम और आप उन छिपे संदेशों से कुछ सीख सकें। मसलन कभी-भी अपने दुश्मन को कमजोर नहीं आंकना चाहिये। भले ही वो अदृश्य ही क्यों न हो। कोरोना वायरस (Corona Virus) भी तो अदृश्य ही है। लेकिन अभी कोरोना के खात्मे की डंका नहीं पिटी गई थी इसके बावजूद शासन से लेकर आमजनों तक जिधर देखों-लापरवाही ही लापरवाही करता नजर आया। मतलाब साफ है कि यथा राजा तथा प्रजा। कोरोना से पहली लड़ाई में यह तो साफ हो गया है कि हमारी हार हुई है। अब देखना होगा कि जब कोरोना पहले से ज्यादा खतरनाक स्वरुप में हमारे सामने है तब मुकाबला कैसे किया जाएगा?   

Weekend Lockdown

Corona का कहर! फिर से रायपुर की सड़कें होगी वीरान, 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक Lockdown लागू

बीते साल मोदी के फैसले की हुई थी आलोचना

खैर मजबूरी ही सही घरों में लोगों को कोरोना के डर से दुबक कर रहना पड़ रहा है। जिससे साल 2020 के मार्च-अप्रैल का वो सीन अचानक से सभी को ताजा होने लगा है। जब देश में अचानक से लॉकडाउन (Lockdown) की घोषणा कर दी गई थी। हालांकि पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के इस फैसले की बाद में विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की थी। जब देश की इकॉऩमी को गहरा धक्का लगा, युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार से हाथ धोना पड़ा। गांवों की ओर भारी संख्या में लोग वापस लौटने लगे।

प. बंगाल चुनावः देश में कोरोना की दूसरी लहर, अब तो सख्ती दिखाए चुनाव आयोग

लॉकडाउन को लेकर सरकार फिर से सजग

लेकिन फिर से लॉकडाउन ही एकमात्र सहारा दिख रहा है-जिससे कोरोना के चेन को तोड़ने का बड़ा हथियार कहा जा सकता है। मतलब साफ है कि पीएम मोदी ने उस समय दूरदर्शिता से लॉकडाउन लगाने का सही फैसला किया था। इस पर बहस तेज हो सकती है। विपक्षी दलों को भी आइना में झांकना चाहिये जो लॉकडाउन को लेकर पीएम को कटघरे में खड़े करते नजर आते थे। वे आज दबे स्वर में वीकेंड लॉकडाउन लगाने के लिये व्याकुल है।  

Delhi Market

दिल्ली: Night Curfew से उड़ी कई परिवारों की नींद, शादी के लिए ई पास है अनिवार्य

दिल्ली में दोड़ रही है सायरन बजाती गाड़ियां

कोरोना काल में दिल्ली में आलम तो यह है कि आप अपने गली से कदम बाहर निकालें भी नहीं कि तभी सायरन बजाती मुश्तैद दिल्ली पुलिस की गाड़ियां दोड़ती हुई नजर आ जाती है। जिससे आपको अपना कदम ठिठक कर फिर से वापस करना ही होगा। हालांकि यह बात सही है कि बीते साल जब कम ही कोरोना केस थे तब खौफ ज्यादा लोगों के मन में था। लेकिन इस बार ठीक उलट कहा जा सकता है कि कोरोना केस ज्यादा है तो वहीं लोगों के दिलों-दिमाग में जानलेवा वायरस को लेकर डर कम नजर आता है। शायद इसलिये वीकेंड लॉकडाउन के सहारे कोरोना को हराने का एक दिखावटी प्रयास भी किया जा रहा है। कहीं न कहीं सरकार यह भरोसा दे रहीं है कि आपको लंबे समय के लिये घरों में कैद नहीं रहना पड़ेगा। जो सच्चाई से कोसों दूर खड़ी है।

कुंभ पर कोरोना प्रकोप का असर! PM मोदी ने संतो से की महाकुंभ को प्रतिकात्मक रखने की अपील

मास्क पहनने की आदत का करें पालन

दरअसल कहीं न कहीं कोरोना वायरस के कमजोर मान लेने की भूल के बाद जिस तरह से मास्क नहीं पहनने और सामाजिक दूरी का सरासर उल्लंघन हुआ-उसी का कहीं न कहीं नतीजा है आज फिर से दिल्ली में वीकेंड लॉकडाउन केजरीवाल सरकार को लगाना पड़ा। लेकिन यदि वीकेंड लॉकडाउन के वाबजूद संक्रमितों की संख्या नहीं थमी तो फिर क्या होगा? क्या फिर से लॉकडाउन के दौर में लौटना पड़ेगा? यह तमाम सवाल है। जिसका जवाब अभी आना बाकी है।  बता दें कि दिल्ली,उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में जब कोरोना वायरस के बढ़ते मामले खतरनाक स्थिति पर पहुंच गया तो मजबूरन राज्य सरकारों को वीकेंड लॉकडाउन लगाना ही पड़ा।   

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.