Monday, Nov 28, 2022
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rss at forefront kerala riots conspiracy, center disclose its financial liabilities: cpim

केरल में दंगे के षड्यंत्र में RSS सबसे आगे, केंद्र अपनी वित्तीय देनदारियों का खुलासा करे : माकपा

  • Updated on 9/28/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख जे पी नड्डा द्वारा केरल के आतंकवाद और अराजक तत्वों का ‘गढ़’ बनने का आरोप लगाने के एक दिन बाद, राज्य में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने यह दावा करते हुए पलटवार किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) राज्य में दंगे भड़काने के षड्यंत्रों में सबसे आगे था।       माकपा ने यह भी कहा कि केंद्र को कथित तौर पर उसके द्वारा बनायी गई वित्तीय देनदारियों का खुलासा करना चाहिए।     माकपा प्रदेश सचिवालय ने एक बयान में वाम सरकार के खिलाफ नड्डा के आरोपों का विरोध किया और इसे ‘‘दुष्प्रचार’’ करार देते हुए कहा कि इसे जनता खारिज कर देगी। नड्डा ने सोमवार को आरोप लगाया था कि सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है और हिंसा उत्पन्न करने और बढ़ावा देने वालों को वाम सरकार का मौन समर्थन है। उन्होंने आरोप लगाया था, ‘‘केरल अब आतंकवाद का गढ़ बन गया है। यह अराजक तत्वों का केंद्र बन गया है। यहां जीवन सुरक्षित नहीं है।’’   

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 उन्होंने यह भी दावा किया था कि राज्य सरकार के वित्तीय अनुशासन की कथित कमी ने केरल को कर्ज के जाल में धकेल दिया है और सत्तारूढ़ सरकार भ्रष्ट है क्योंकि ‘‘सोने की तस्करी घोटाले की आंच मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है।’’     इन आरोपों पर माकपा के राज्य सचिवालय ने कहा, ‘‘केरल में एलडीएफ शासन के दौरान यहां कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है’’ और संघ परिवार द्वारा कथित तौर पर शुरू किये गए इस तरह के किसी भी संघर्ष को कुचलने में राज्य सरकार सक्षम रही है।  इसने दावा किया कि भाजपा प्रमुख के आरोप एक ऐसे राज्य के खिलाफ दुष्प्रचार हैं जो देश में अपने धार्मिक सछ्वाव के लिए जाना जाता है और यह ‘‘स्पष्ट है कि आरएसएस कथित रूप से राज्य में दंगे भड़काने के जानबूझकर किए गए प्रयासों में सबसे आगे था।’ इसने यह भी आरोप लगाया कि लोग जानते हैं कि पिछले 5 वर्षों में राज्य में हुई माकपा के 17 कार्यकर्ताओं की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ है।   

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 वाम सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर, माकपा ने कहा कि विभिन्न अध्ययनों ने संकेत दिया है कि केरल सरकार में भ्रष्टाचार मुक्त प्रणाली है और इसके विपरीत आरोप लगाना राजनीतिक रूप से गलत होगा।  सोने की तस्करी के मामले के बारे में, वाम दल ने कहा कि इसकी केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच की जा रही है और सभी जानते हैं कि सोना किसने और किसके लिए भेजा था, इस बारे में स्पष्टता की कमी क्यों थी। इसने यह भी आरोप लगाया कि सभी जानते हैं कि मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश को संघ परिवार द्वारा संरक्षण और समर्थन दिया जा रहा था, जो जनता को सरकार के खिलाफ करने के लिए मीडिया के माध्यम से झूठी खबरें फैला रहा था।

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    वाम दल ने सत्तारूढ़ सरकार द्वारा राज्य को कर्ज के जाल में फंसाने के आरोप का भी यह कहते हुए जवाब दिया कि ‘‘केरल के कर्ज से चिंतित लोगों को केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई वित्तीय देनदारियों का खुलासा करना चाहिए।’’     इसने अपने बयान में यह भी कहा कि ‘‘राज्य के सामने वित्तीय संकट केंद्र की गलत नीतियों के कारण है’’ जिसने ‘‘केंद्रीय करों में उसकी हिस्सेदारी कम करके और जीएसटी मुआवजे को रोककर केरल के राजस्व स्रोतों में कटौती की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिन लोगों ने गारंटीकृत रोजगार योजना के तहत कार्य दिवसों की संख्या भी कम कर दी है, वे अब उनके द्वारा किए गए कल्याणकारी उपायों के आंकड़े लेकर सामने आ रहे हैं।’’  इसने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की मंजूरी से ही ऋण ले रही थी। माकपा ने कहा कि लोग केंद्र द्वारा अधिकारों का उपयोग करके राज्य में विकास गतिविधियों को कमजोर करने के उसके कदमों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।   

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