Wednesday, Aug 10, 2022
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russia intensifies offensive on the outskirts of ukraine capital pope expressed concern rkdsnt

रूस ने यूक्रेन की राजधानी के बाहरी इलाके में तेज किया आक्रमण, पोप ने जताई चिंता

  • Updated on 2/25/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। रूस ने यूक्रेन के शहरों और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने और तीन तरफ से सैनिकों और टैंकों को भेजने के बाद शुक्रवार को राजधानी के बाहरी इलाके में आक्रमण की कार्रवाई तेज कर दी। रूस की यह कार्रवाई वैश्विक शीत युद्ध के बाद के सुरक्षा इतिहास को संभवत: नए सिरे से लिखेगी। कीव में दिन निकलने से पहले ही धमाकों की आवाजें सुनाई देने लगीं और बाद में सरकारी क्वार्टर के पास गोलियों की आवाज सुनी गई।      पश्चिमी देशों के नेताओं ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई है और यूक्रेन के राष्ट्रपति ने ऐसे हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है क्योंकि उन्हें आशंका है कि रूस लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई उनकी सरकार को बेदखल कर सकता है। यूक्रेन में बड़े पैमाने पर लोग हताहत हो सकते हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है।      

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     यूक्रेन के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की घोषणा करते हुए पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ङ्क्षनदा एवं प्रतिबंधों को नजरंदाज किया और अन्य देशों को चेतावनी दी कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के प्रयास के ‘‘ऐसे परिणाम होंगे, जो उन्होंने कभी नहीं देखे होंगे।’’      रूसी सेना ने कहा कि उसने कीव के बाहर एक रणनीतिक हवाई अड्डे और पश्चिम में एक शहर पर नियंत्रण कर लिया है।      यूक्रेन की राजधानी के खतरे में घिरने के संकेतों के बीच सेना ने शुक्रवार को कहा कि रूसी जासूसों और विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त लोगों के एक समूह को शहर के केंद्र से लगभग पांच किलोमीटर उत्तर में कीव के एक जिले में देखा गया। इससे पहले, सेना ने कहा था कि रूसी सुरक्षा बलों ने दो यूक्रेनी सैन्य वाहनों पर कब्जा कर लिया है और स्थानीय होने का दिखावा कर घुसपैठ के लिए शहर की ओर बढ़ रहे हैं।      अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ङ्क्षब्लकन ने कहा कि कीव की ‘‘संभवत: घेराबंदी कर ली गई है।’’ अमेरिकी अधिकारियों का मानना ??है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में अपनी पसंद की सरकार थोपना चाहते हैं।     इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने वैश्विक नेताओं से पूर्व में लगाए गए प्रतिबंधों की तुलना में रूस के खिलाफ अधिक कठोर पाबंदी लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप अभी हमारी मदद नहीं करते हैं, यदि आप यूक्रेन को मजबूत सहायता प्रदान करने में नाकाम रहते हैं तो कल युद्ध आपके दरवाजे पर दस्तक देगा।’’   

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    शुक्रवार तड़के कीव में हवाई हमले के सायरन बजते ही सिटी सेंटर के एक होटल के मेहमानों को एक अस्थायी सुरक्षित तहखाने की ओर जाने के लिए कहा गया, जिसमें गद्दे और पानी की बोतलों के ढेर लगे थे। कार्यकर्ताओं, सभी स्थानीय विश्वविद्यालय के छात्रों ने मेहमानों को चाय और नमकीन बांटी। कुछ लोग धूम्रपान करने या ताजी हवा लेने के लिए आंगन में चले गए। कार्यकर्ताओं में से एक, लुसी वाशाका (20) ने कहा, ‘‘हम सभी डरे हुए और ङ्क्षचतित हैं। हम नहीं जानते कि क्या करना है, कुछ दिनों में क्या होने वाला है?’’      बृहस्पतिवार को शहरों और सैन्य ठिकानों पर एक के बाद एक किए गए मिसाइल हमलों के साथ आक्रमण शुरू हुआ और फिर पैदल सेना ने यूक्रेन की तरफ कूच किया। पूर्व में कई क्षेत्रों से सैनिक दाखिल होने लगे। क्रीमिया के दक्षिणी क्षेत्र से भी सैनिक आए, जिस पर रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था। पड़ोसी देश बेलारूस से भी रूसी सैनिकों ने धावा बोल दिया।      यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा है कि बंद पड़े चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र से उनका संपर्क खत्म हो गया है। इसी जगह पर दुनिया की सबसे भीषण परमाणु त्रासदी हुई थी। देश के कई हिस्सों में लोग हड़बड़ी में सुरक्षित स्थानों तक जाने के लिए ट्रेनों और कारों में सवार होते देखे गए।      यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस के हमले में अभी तक 10 सैन्य अधिकारियों समेत 137 ‘‘नायक’’ मारे गए हैं। उनके एक सलाहकार ने कहा कि लगभग 400 रूसी सैनिक मारे गए हैं। मास्को ने हालांकि हताहतों की संख्या नहीं बताई है। किसी भी दावे को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है।   

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  जेलेंस्की ने कि ‘‘देश का भविष्य पूरी तरह से हमारी सेना, सुरक्षा बलों, हमारे सभी रक्षकों पर निर्भर करता है।’’ उन्होंने यह भी कहा कि देश ने मास्को से सुना है कि ‘‘वे यूक्रेन की तटस्थ स्थिति के बारे में बात करना चाहते हैं।’’ जेलेंस्की ने रूस की मांग का संदर्भ दिया कि यूक्रेन नाटो गठबंधन में शामिल होने का इरादा त्याग दे। कीव पर रूसी हमले के डर से रात होते ही हजारों लोग भूमिगत बंकरों, मेट्रो स्टेशनों के भीतर चले गए। कुछ परिवारों के लिए यह एकसाथ समय गुजारने का भी मौका था। कुछ लोग रात काटने के लिए क्रॉसवर्ड पजल सुलझा रहे थे। ऐसे भी लोग थे जो अपने कुत्तों के साथ स्लीपिंग बैग लेकर आए। एक मेट्रो स्टेशन के भीतर शरण लिए हुए एंटन मिरोनोव ने कहा, ‘‘किसी को विश्वास नहीं था कि यह युद्ध शुरू हो जाएगा और वे कीव को भी निशाने पर लेंगे।’’  कुछ लोग अस्थायी बंकरों में रात बिताकर सुबह बाहर निकले। राजमार्ग पर सैन्य टुकडिय़ों के साथ आम लोगों की कारें भी आ जा रही थीं। ईंधन केंद्रों पर बृहस्पतिवार को लंबी-लंबी कतारें नजर आई थी।     

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रूस ने कहा है कि वह शहरों को निशाना नहीं बना रहा लेकिन पत्रकारों ने कई रिहायशी क्षेत्रों में तबाही का मंजर देखा। कीव के मेयर विटाली क्लिट््स्को ने कहा कि शुक्रवार को शहर में एक बहुमंजिला अपार्टमेंट में एक रॉकेट हमले से आग लगने के बाद कम से कम तीन लोग घायल हो गए। रूसी सैन्य बलों के उत्तर से कीव की तरफ कूच करने की खबरों के बीच यूक्रेन की सेना कीव के उत्तर-पश्चिम में 60 किलोमीटर दूर दुश्मन फौज से भीषण लड़ाई लड़ रही है। रूसी सैनिक सीमा के पास स्थित सूमी शहर में भी दाखिल हो चुके हैं। यहां से एक राजमार्ग राजधानी कीव की ओर जाता है। यूक्रेन में गृह मंत्रालय के सलाहकार एंतोन गेराशेंको ने टेलीग्राम पर कहा, ‘‘आज का दिन बहुत भारी बीतेगा। दुश्मन की योजना टैंक के जरिये इवांकीव और चेॢनहाइव के रास्ते कीव में दाखिल होने की है।’’  राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार मायहेलो पोडोलीक ने बताया कि आक्रमण शुरू होने के कुछ घंटों बाद, रूसी सेना ने चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र और उसके आस-पास के क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित कर लिया।      वियना स्थित अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि उसे यूक्रेन द्वारा कब्जे के बारे में बताया गया था। साथ ही कि ‘‘औद्योगिक स्थल पर कोई हताहत या तबाही नहीं हुई है।’’   

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  अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने नए प्रतिबंधों की घोषणा की है जो रूसी बैंकों, अमीर लोगों, सरकारी नियंत्रण वाली कंपनियों और उच्च-तकनीकी क्षेत्रों को लक्षित करेंगे। उन्होंने कहा, पुतिन ने ‘‘इस युद्ध को चुना’’ है। बाइडन ने यह भी कहा कि ऐसे उपाय किए गए हैं कि वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित नहीं हो। रूसी तेल और प्राकृतिक गैस निर्यात यूरोप के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत हैं।      बाइडन शुक्रवार को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सहयोगी नेताओं के साथ मुलाकात भी करने वाले हैं, जिसे व्हाइट हाउस ने यूक्रेन पर चर्चा करने के लिए डिजिटल तरीके से आयोजित ‘‘असाधारण शिखर सम्मेलन’’ के रूप में र्विणत किया है।      बाइडन ने कहा कि अगर पुतिन नाटो देशों में घुसेंगे, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। बाइडन ने कहा कि अगर उनके रूसी समकक्ष को अभी नहीं रोका गया, तो उनका हौसला बढ़ेगा।      ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा है कि उन्होंने ब्रिटेन के वित्तीय बाजारों से रूस को दूर करने का लक्ष्य रखा है। सभी बड़े रूसी बैंकों की संपत्ति पर रोक लगाने और रूसी कंपनियों तथा क्रेमलिन को ब्रिटिश बाजारों से धन जुटाने से रोकने की योजना प्रस्तुत की गई है।

पोप ने रूसी दूतावास जाकर यूक्रेन पर हमले के प्रति चिंता जाहिर की 
पोप फ्रांसिस ने शुक्रवार को रूसी दूतावास में जाकर च्च्युद्ध के प्रति अपनी ङ्क्षचता जाहिर की’’ जिसे उनकी ओर से किया गया एक असाधारण संकेत माना जा रहा है। इसके साथ ही, वेटिकन ने आज यह घोषणा की, कि पोप के घुटने में समस्या होने के कारण उन्होंने आगामी सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। आमतौर पर राजदूत और राष्ट्राध्यक्ष वेटिकन में पोप से मिलने जाते जाते हैं तथा राजनयिक प्रोटोकॉल के तहत वेटिकन के विदेश मंत्री, राजदूत को लेकर पोप के पास जाते हैं। वेटिकन के राष्ट्राध्यक्ष के तौर पर फ्रांसिस का रूसी दूतावास तक जाना, यूक्रेन पर मास्को के हमले के प्रति उनके आक्रोश और युद्ध को समाप्त करने के लिए उनकी निजी अपील को दर्शाता है।       वेटिकन के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पोप के इस कदम के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। वेटिकन के प्रवक्ता मत्तेओ ब्रूनी ने बताया कि पोप, युद्ध के प्रति अपनी ङ्क्षचता जाहिर करने के उद्देश्य से रूसी दूतावास गए थे और वह वहां आधे घंटे तक रुके। फ्रांसिस ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने को कहा है।  इसके अलावा उन्होंने श्रद्धालुओं से अगले बुधवार को उपवास करने और यूक्रेन में शांति के लिए प्रार्थना करने का आह्वान किया है। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर रूस की आलोचना नहीं की है क्योंकि इससे वह संभवत: रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च को नाराज नहीं करना चाहते।  

यूक्रेन के राजदूत के साथ एकजुटता दिखाई 
भारत में यूरोपीय देशों के दूतावासों के प्रमुखों ने शुक्रवार को यूक्रेन के अपने समकक्ष के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए यूक्रेन पर रूस के ‘‘बिना किसी उकसावे और अनुचित’’ सैन्य हमले की कड़ी निंदा की।  दूतों ने यहां एक बैठक की और यूक्रेन को अपना समर्थन दिया। भारत और भूटान में यूरोपीय संघ (ईयू) के राजदूत उगो एस्टुटो ने कहा कि ईयू और उसके सदस्य देश भारत में यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा के साथ एकजुटता से खड़े हैं। एस्टुटो ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों के दूतावासों के प्रमुख यूक्रेन के राजदूत के साथ एकजुटता से खड़े हैं। यूरोपीय संघ रूस के बिना किसी उकसावे और अनुचित सैन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। यूरोपीय संघ यूक्रेन और उसके लोगों के साथ एकजुट है।’’ 

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ईयू के राजदूत ने लिखा, ‘‘जो दांव पर लगा है, वह है यूरोप की स्थिरता और पूरी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था।’’ यूरोपीय संघ 27 देशों का समूह है। ईयू ने यूक्रेन पर रूसी हमले की निंदा की है और कहा है कि यूरोप में युद्ध को वापस लाने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जिम्मेदार हैं। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रूस की कार्रवाई को एक स्वतंत्र राष्ट्र पर ‘‘बर्बर हमला’’ कहा, जिसने ‘‘यूरोप में स्थिरता और संपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शांति व्यवस्था’’ को भी निशाना बनाया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस अंधकारमय समय में यूरोपीय संघ यूक्रेन और उसके लोगों के साथ खड़ा है। हम जो सामना कर रहे हैं वह रूसी नेतृत्व द्वारा एक संप्रभु, स्वतंत्र देश के खिलाफ आक्रामकता का एक अभूतपूर्व कृत्य है।’’ 

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