Monday, Jun 21, 2021
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भारत और चीन के बीच घाटी में बढ़े तनाव को दूर करने के लिए रूस ने निभाई थी ये खास भूमिका

  • Updated on 7/6/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत और चीन के बीच अभी एलएसी को लेकर तनाव बना हुआ है। इस बीच जानकारी मिली है कि चीन को समझाने में और भारत के 10 जवानों को चीन से छुड़वाने में रूस का बड़ा हाथ रहा है।

बताया जा रहा है कि चीन और भारत के बीच हालात और गंभीर हो सकते थे अगर चीन भारत के 10 जवानों को नहीं छोड़ता तो! लेकिन ऐसा हुआ नहीं क्योंकि रूस ने चीन से इस बारे में बात की थी। इस बारे में सूत्रों से जानकारी मिली है कि भारत के 10 जवानों को चीन से छुड़वाने में रूस का हाथ है।

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चीन ने मानी रूस की बात
बताया जाता है कि चीन और भारत के बीच 15 जून की रात गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष के बाद चीन ने भारत के 10 जवानों को पकड़ लिया था। भारत के पास भी रूस के कुछ जवान थे लेकिन भारत उन्हें रिलीज कर चुका था अब सवाल था भारत के जवानों का जो चीन की पकड़ में थे। उन्हें छुड़ाने के लिए रूस आगे आया।

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क्यों की रूस ने पहल
दरअसल, रूस, भारत और चीन की 23 जून को एक बैठक होनी थी। लेकिन 15 जून के बाद भारत ने इस बारे में साफ़ मना कर दिया ऐसे हालातों में अब मीटिंग नहीं की जा सकती। इसके बाद रूस से टेंशन कम करने के लिए चीन से बात की और चीन को कहा कि वो भारत के जवानों को छोड़े। यहां रूस का सिर्फ इतना स्वार्थ था कि वो नहीं चाहता था कि भारत, चीन और रूस के बीच मीटिंग हो।

हालांकि इसके बाद रूस की तरफ से ये बयान भी आया कि भारत और चीन के बीच विवाद सुलझाने के लिए किसी तीसरे की जरूरत नहीं है। रूस ने यहां दिखा दिया कि उसने शांतिदूत बनकर कुटनीतिक तरीके से चीन और भारत के बीच तनाव को कम करने की कोशिश की है।

यहां पढ़ें भारत-चीन विवाद से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें

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