Thursday, Jun 24, 2021
-->
sachin-pilot-talk-about-ghar-wapsi-in-congress-rajasthan-politics-ashok-gehlot-prsgnt

मैंने कड़वा घूंट पिया है, लेकिन मैंने सम्मान भी बनाए रखा, अब पार्टी सब ठीक करेगी- सचिन पायलट

  • Updated on 8/11/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है और बागी हुए सचिन पायलट भी अब पार्टी में वापसी कर चुके हैं। सचिन पायलट दिल्ली आए और राहुल-प्रियंका से मुलाकात की।

उनकी मुलाकात ही उनके कांग्रेस पार्टी में वापसी का संकेत था जिसपर सोमवार शाम तक ‘घर वापसी’ की मोहर भी लग गई। अब जब सचिन पार्टी में वापसी कर चुके हैं तब उन्होंने मिडिया के सामने अपने पर लगे इल्जामों के बावजूद चुप रहने की वजह का खुलासा किया।

सचिन पायलट का नरम होना और गहलोत सरकार को अभयदान मिलना क्या नंबर गेम का है 'जादू' , एक नजर...

पार्टी ने हमारी बात सुनी
सचिन ने मिडिया के समाने कहा कि हमने पार्टी के कहे का मान रखा है। हमने दिल्ली आकर मुद्दों को उठाया था और पार्टी ने हमारी बात को सुना है। अब पार्टी के ऊपर है वो क्या पद और जिम्मेदारी हमें देगी। लेकिन पार्टी ने सभी मुद्दों का हल निकालने का वादा किया है।

सचिन ने कहा कि मैंने पार्टी ने डिप्टी सीएम के रूप में काम किया, राजनीती में व्यक्तिगत सोच को नहीं लाया। सीएम मेरे बड़े हैं और उनके प्रति बेहद सम्मान है लेकिन अगर वादों के अनुसार काम नहीं होगा तो बात उठानी तो पड़ेगी ही।

सचिन पायलट ने वापसी के लिए रखी ये शर्तें, दूसरी मुलाकात से पहले एक्टिव दिखे राहुल-प्रियंका

मैंने कड़वा घूंट पिया
सचिन ने खुद के लिए इस्तेमाल किए गलत शब्दों के बारे में बोलते हुए कहा कि मेरे लिए गलत शब्दों का उपयोग किया गया, जिससे मुझे बड़ी ठेस पहुंची लेकिन मैं शांत रहा और कड़वा घूंट पिया। हालांकि अब मामला सुलझने की तरफ बढ़ गया है और पार्टी हाईकमान ने जल्द ही मामला सुलझाने का वादा भी किया है।

मुझे निक्कमा कहा गया, मैं पार्टी में था तब काबिल था, पार्टी से निकलते ही निक्कमा हो गया। लेकिन फिर भी मैंने संयम से काम लिया। हमने कभी सीएम के खिलाफ कुछ नहीं कहा, वो हमारे सम्मानजनक हैं। राजनीती में उतार-चढ़ाव आते हैं लेकिन उसके लिए अपमानित करना, संयम खोना सही नहीं।

सचिन पायलट ने की राहुल गांधी से मुलाकात, इस दिन कर सकते हैं दोबारा कांग्रेस में वापसी!

जिनके सहारे सरकार बनी उनका सम्मान क्यों नहीं?
हमने सरकार बनाने में मदद की, नहीं तो पार्टी 21 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन फिर किया हुआ? जिन लोगों ने सरकार बनाने में योगदान दिया उनका ही सम्मान नहीं किया गया तो ठेस तो पहुंचेगी ही। हालांकि इसके बाद भी मैंने जनता के लिए काम करना बंद नहीं किया, न करूंगा। पद पर रहूंगा तब भी और नहीं रहा तब भी जनता के लिए काम करूंगा।

सचिन ने कहा कि मैं जहां था वहां मजबूती से खड़ा हुआ हूं। लेकिन इसका ये बिल्कुल मतलब नहीं कि अपनी आत्मा की आवाज़ न सुनूं। अगर मुझे गलत लगेगा तो मैं जरूर अपनी बात रखूंगा। उन्होंने ये भी कहा कि मेरे लिए सम्मान सबसे जरूरी है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.