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भारत के लिए खेलने से पहले पाकिस्तान के लिए खेले थे सचिन तेंदुलकर, जानिए कुछ ऐसे ही अनछुए पहलू

  • Updated on 4/24/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत की गलियों में खेला जाने वाला एक ही खेल है, क्रिकेट। ये न होता तो शायद बचपन अधूरा रह जाता। इस खेल को इतना लोकप्रिय और देश की चाहत बनाने के पीछे जिसका नाम है वो है क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले ‘सचिन तेंदुलकर’।

भारत में शायद क्रिकेट को लोग जानते ही सचिन के नाम से हैं। हर क्रिकेट का शौकीन सचिन का फैन है। बच्चे क्रिकेट इसलिए खेलते हैं क्योंकि उन्हें सचिन बनना है। सचिन हो जाने का ख्वाब लिए न जाने कितने नौजवान क्रिकेट खेलना शुरू करते हैं और इस फिल्ड में मेहनत भी इसलिए ही करते हैं कि उन्हें एक दिन सचिन जैसा नामचीन हो जाना है। कितने ही नाम हैं क्रिकेट क्षेत्र में जिन्हें लोग जानते हैं, शायद इनमें सचिन सबसे पहले हैं।

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नाम हैं कई सम्मान
24 अप्रैल 1973 को जन्मे सचिन आज अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं। सचिन को क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शामिल किया जाता है। सचिन भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित होने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति और खिलाड़ी हैं। इतना ही नहीं, सचिन तेंदुलकर, राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने वाले पहले क्रिकेट के खिलाड़ी हैं। साल 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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फैंस की दीवानगी
सचिन का पूरा जीवन लोगों के लिए हमेशा से उत्सुकता से भरा रहा है। लोग उनके बचपन से लेकर क्रिकेट में आने तक के सफर से लेकर उनकी निजी जिंदगी के बारे में जानने के लिए हमेशा बेताब रहते हैं। सचिन ने 7 साल पहले क्रिकेट को अलविदा कह दिया था लेकिन आज भी उनके फैंस उन्हें उतने ही जोश के साथ चाहते हैं जैसे वो उन्हें तब चाहते थे जब वो बल्लेबाजी करने के लिए फिल्ड में उतरते थे।

सचिन...सचिन...नाम की उस गूंज और उस दीवानगी को कोई भी सचिन का फैन नहीं भुला सकता। आज भी सचिन को पब्लिक के बीच देख लोगों का वो प्यार देखने को मिलता है।

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सचिन के अनछुए पहलू
आज सचिन के जन्मदिन पर हम आपको उनसे जुड़े कुछ अनछुए पहलूओं के बारे में बताने जा रहे हैं। जिनके बारे में शायद ही आपने कहीं पढ़ा या सुना हो...

-शायद आप नहीं जानते लेकिन भारत के लिए बल्लेबाजी की शुरुआत करने से पहले सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के लिए खेल चुके थे। सचिन ने 1989 में भारत के लिए खेलना शुरू किया था लेकिन इसके दो साल पहले सचिन पाकिस्तान की तरफ से खेल चुके थे। यह बात साल 1987 की है जब एक प्रदर्शनी मैच में सचिन पाकिस्तान की तरफ से ऑप्शनल फिल्डर के तौर पर खेले थे।

- सभी जानते हैं कि सचिन बाएं हाथ से ऑटोग्राफ देते आयें हैं लेकिन वो बल्लेबाजी दाएं हाथ से करते हैं। इसका कारण हैं उनके भाई अजित तेंदुलकर, सचिन बाएं हाथ का इस्तेमाल करते थे लेकिन जब उनके भाई दाएं हाथ से खेलते थे, उन्हें सिखाते थे तब सचिन को भी दाएं हाथ से खेलने की आदत हो गई।

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-क्या कोई सोच भी सकता है कि महान बल्लेबाज़ सचिन कभी बॉल बॉय भी बने होंगे! लेकिन ये सच है कि 1987 में पहली बार भारत  में वर्ल्ड कप हुआ था उस समय वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के सेमीफाइनल मुकाबले में सचिन तेंदुलकर बॉल बॉय बने थे और इसी के दो साल बाद 1989 में सचिन ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था।

-बहुत कम लोग जानते हैं कि बल्लेबाजी सचिन का दूसरा प्यार है पहला प्यार उनका बोलिंग था लेकिन 1987 में चेन्नई में डेनिस लिली की एमआरएफ पेस एकेडमी में बोलिंग ट्रॉयल देने के बाद जब उनका सेलेक्शन नहीं हुआ तो वो मायूस हुए लेकिन तब उन्हें डेनिस ने बोलिंग छोड़ बल्लेबाजी पर ध्यान देने को कहा था।

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-सचिन के बचपन के बारे में कहा जाता है कि वो काफी लड़ाकू थे और स्कूल में दादा बन कर रहते थे।

-सचिन के बारे में बताया जाता है कि वो फिल्ड में उतरने से पहले अपनी पैंट को थोड़ा गीला कर लेते हैं। दरअसल, सचिन ने विनोद कांबली के साथ शारदाश्रम विद्यामंदिर की ओऱ से खेलते हुए 664 रनों की पार्टनरशिप की थी, जिसे आज भी हैरिस शील्ड का सेमीफाइनल से याद किया जाता है और इसी को अपना लक मानते हुए सचिन अपनी पैंट थोड़ा गीला कर लिया करते थे।  

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