Wednesday, Dec 08, 2021
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सफरनामा 2020: मुफ्त राशन से लेकर कोरोना पैकेज तक, ये रहे मोदी सरकार के 5 प्रमुख फैसले

  • Updated on 12/31/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच साल 2020 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। एक तरफ जहां समूचा देश इस महामारी की संकट से जूझ रहा था वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार (Modi Government) पर कोरोना से लड़ने की चुनौती थी। कोरोना से लड़ते हुए मोदी सरकार ने लॉकडाउन जैसे कड़े फैसले लिए तो आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए पीएम केयर फंड का गठन भी किया। गरीबों की चिंता करते हुए सरकार ने लगातार मुफ्त में अनाज वितरण का फैसला भी किया। आइए जानते है इस साल के मोदी सरकार के 5 बड़े फैसले को...

लॉकडाउन
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस साल के मार्च से मोदी सरकार ने पूरे देश को बंद करने का फैसला लिया। 19 मार्च की रात को 8 बजे जब पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन करने का फैसला किया तो समूचा देश एक बार फिर अलर्ट हो गया। हुआ भी ऐसा ही कुछ, सरकार ने उस दिन 22 मार्च को पूरे देश में जनता कर्फ्यू लगाने का फैसला किया। इसके 2 दिन के भीतर ही पहले लॉकडाउन की घोषणा हो गई। इसके बाद लंबे अंतराल के लिए लॉकडाउन-2, लॉकडाउन- 3 और लॉकडाउन-4 की घोषणा की गई। लॉकडाउन के बाद धीरे-धीरे देश को अनलॉक किया गया। सरकार के इस फैसले से कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोक लिया गया।

मुफ्त राशन योजना
कोरोना संकट के बीच जरूरतमंदों के लिए कैबिनेट ने गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के विस्तार की मंजूरी दी थी। सरकार ने इस योजना के तहत 81 करोड़ से भी अधिक लोगों को मार्च से नवंबर 2020 तक मुफ्त में अनाज देने का ऐलान किया गया था। इस योजना में एक खास बात यह है कि इसमें उन लोगों को भी अनाज दिया गया जिनके पास राशन कार्ड नहीं था। जिनके पास राशन कार्ड नहीं थी उनको आधार कार्ड से भी मदद मिल जा रही थी। इस योजना के तहत गुलाबी, पीले और खाकी राशन कार्डधारक को 5 किलो प्रति सदस्य गेहूं या चावल और एक किलो दाल प्रति परिवार को फ्री में दिया जा रहा था।

पीएम केयर फंड
कोरोना वायरस (Corona Virus) से निपटने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने पीएम केयर फंड (PM Care Fund) का गठन किया था। जिसमें देश के तमाम बड़े उद्योगपतियों के साथ आम लोगों ने जमकर दान किया था। इस फंड को लेकर सवाल भी उठाए गए थे। सरकार की ओर से कहा गया कि इस फंड का उपयोग कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में काम आएगा। सरकार की ओर से इस फंड से जुड़ी कोई ऑडिट तो नहीं जारी की गई।

लेकिन एक आंकड़े के मुताबिक देश के सबसे बड़े कर्मचारी संगठनो में से एक भारतीय रेलवे ( Indian Railways) से लेकर अंतरिक्ष विभाग तक 50 ऐसे केंद्रीय विभाग हैं जिन्होंने पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) में अपनी सैलरी से 157.23 करोड़ रुपए की मदद दी है। इस मदद में अकेले रेलवे (Indian Railways) के कर्मचारियों ने 146.47 करोड़ रुपए का दान सरकार को रेलवे की तरफ से मिला है।

कृषि कानून
संसद के दोनों से सदनों से कृषि बिल को पास कराकर कानून में बदल दिया गया। इस साल के अंत में आते-आते केंद्र सरकार को अपने कार्यकाल का सबसे बड़ा किसान प्रदर्शन (Farmer Protest) भी देखने को मिला है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानून को विरोध करने करते हुए पंजाब  और हरियाणा के लाखों  किसान सड़क पर आ गए है। दिल्ली की सभी सीमाओं पर इन किसानों ने प्रदर्शन के माध्यम से बंद किया हुआ है। सरकार और प्रधानमंत्री खुद अब इन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं मगर अभी तक इसका कोई परिणाम नहीं निकला है।

20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान
कोरोना संकट से खराब हुई अर्थव्यवस्था को मजबूत प्रदान करने के लिए मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया था। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपये आर्थिक पैकेज का सिलसिले वार तरीके से ब्योरा पेश किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक पैकेज के जरिए देश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जारी है। आने वाले दिनों में पूरी टीम के साथ आर्थिक पैकेज के बारे में और भी बहुत कुछ बताया जाएगा। हमारे पास डेटा है, लेकिन हम इसके बारे में अभी नहीं बताएंगे। लेकिन, इतना तय है कि लोगों को फायदा हो रहा है। 

इसके साथ ही 3 महीने में किसानों, गरीबों के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सीतारमण ने कहा कि समाज के कई वर्गों से बातचीत कर आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी भी पैकेज पर चर्चा में शामिल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने बड़ा विजन रखा है। कुटीर उद्योग के लिए 6 कदम उठाएंगे।  

संकट में फंसे छोटे उद्योग के लिए 20 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। कुटीर उद्योग को बचाने के लिए ग्लोबल टेंडर पर रोक लगाई गई। इसके साथ ही सरकार ने 15,000 से कम वेतन वाले कर्मियों का EPF देने का ऐलान किया है। कंपनियां अब 12 फीसदी के बजाय 10 फीसदी EPF जमा करेंगी।

 

 

 

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