Friday, May 14, 2021
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Safarnama 2020: सालभर में हुए अलग-अलग चुनावों में इन चेहरों ने किया कमाल, जीता जनता का दिल

  • Updated on 12/31/2020

नई दिल्ली/ सोहित शर्मा। आजादी से खुले माहौल में घूमने वाली इंसानी कौम को कोरोना महामारी (Corona Crisis) ने साल 2020 में घरों के भीतर कैद कर दिया। हालांकि, इस बीच भी भारत के राज्यों में चुनाव नहीं थमे और कोविड नियमों का पालन करते हुए नेता राजनीति करते रहे। चुनावी माहौल बनाने के लिए ऑनलाइन महासभाओं से लेकर रैली तक की गई और कई चेहरों ने अपनी बड़ी चुनावी जीत से भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। आइए ऐसे में एक नजर डालतें हैं उन दिग्गज नेताओं पर जिन्होंने इस बार के चुनाव कि दशा और दिशा दोनों को बदल कर रख दिया या यूं कहें कि इन हस्तियों के दम पर विभिन्न पार्टियों ने जबरदस्त जीत दर्ज की।

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दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल का रोल अहम
हम अपने इस चुनावी सफर की शुरूआत साल 2020 के फरवरी महीने में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव से करते हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने विधानसाभा की 70 सीटों में से 62 सीटें अपने नाम कर बंपर जीत दर्ज की। वहीं भारतीय जनता पार्टी को महज 8 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा, तो वहीं देश की सबसे पुरानी कांग्रेस पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की इस शानदार जीत का श्रेय अगर किसी को जाता है तो वे हैं पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal), जिनपर दिल्ली की जनता ने दूसरी बार भरोसा जताया।

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केजरीवाल ने ऐसा दिया अपनी राजनीतिक सूझबूझ का परिचय 
इस बार के दिल्ली विधानसभा चुनाव में नागरिकता कानून के खिलाफ शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन की काफी अहम भूमिका रही। आप पार्टी ने एक तरफ जहां खुद को शाहीन बाग के लोगों के साथ होने की बात कहकर एक बड़े वोट बैंक के भरोसे को जितने का काम किया तो वहीं दूसरी ओर वक्त रहते डैमेज कंट्रोल करने के लिए केजरीवाल ने पूरी सतर्कता भी बरती। चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल प्रदर्शनकारियों से न मिले और न ही उन्होंने उनके खिलाफ कोई बयान दिया, इस तरह सीएम केजरीवाल ने अपनी सूझबूझ के साथ जहां मुस्लिम वोट बैंक और हिंदू वोटरों के बीच जबरदस्त सामंजस्य बना कर रखा, जो सफल भी साबित हुआ। दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल ने न सिर्फ अपनी राजनीतिक सूझबूझ का परिचय दिया, बल्कि पिछले पांच साल के काम भी जनता को गिनाए।

बिहार विधानसभा चुनाव में रही पीएम मोदी की अहम भूमिका
साल 2020 में हुए चुनावों में बिहार विधानसभा का चुनाव सबसे अधिक चर्चा में रहा। बिहार में ये चुनाव ऐसे समय में हुआ जब कोरोना महामारी अपने चरम पर थी। इस चुनाव में बिहार (Bihar) के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रमुख नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बिहार में बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल किया। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की कमान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाली। इस दौरान उन्होंने कुल 12 चुनावी रैलियां की। मोदी ने 23 अक्तूबर को चुनाव प्रसार अभियान शुरू किया और 3 नवंबर यानी की दूसरे चरण के मतदान के दिन आखिरी चुनावी सभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपनी रैलियों में हर वर्ग का विश्वास जीतने का काम किया। 

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पीएम मोदी के इन वादों पर जनता ने जताया विश्वास
प्रधानमंत्री की रैलियों में युवाओं से लेकर महिलाओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया, उन्होंने न सिर्फ अपने भाषणों के जरिए बिहार की आम जनता तक पहुंच सुनिश्चित की बल्कि उन्होंने केंद्र सरकार की उन योजनाओं को भी गिनाया जिन्होंने आम आदमी के जीवन में बड़े बदलाव किए। पीएम मोदी ने जनधन से लेकर मुद्रा लोन योजना तक, स्वच्छ भारत मिशन से लेकर आयुष्मान भारत योजना तक, उज्जवला से लेकर जल जीवन मिशन तक का जिक्र किया। उन्होंने बिहार में रोजगार के नए अवसरों का वादा किया साथ ही कहा कि मुद्रा योजना और स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत बिहार को एक लाख करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।

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मोदी ने बिहार के लोगों के नाम पत्र लिख जीता दिल 
उन्होंने बिहार की जनता को याद दिलाया कि राजग ने किसानों के लिए जितना किया और कर रहा है, उतना किसी ने कभी नहीं किया प्रधानमंत्री ने अंत में बिहार के लोगों के नाम पत्र भी लिखा, जिसे राज्य की जनता ने दिल से स्वीकार किया, और एनडीए के नेतृत्व में एक बार फिर सीएम के रूप में नीतीश कुमार को स्वीकार किया।

तेजस्वी चुनाव हार गए, लेकिन जीत लिया जनता का दिल
बिहार विधानसभा में बहुमत जरूर नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस को मिला, लेकिन तेजस्वी यादव की राष्ट्रीय जनता दल युनाइटेड ने (RJD) 75 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी का खिताब अपने नाम किया। वहीं बीजेपी 74 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। आरजेडी बिहार में ऐसे ही राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर नहीं उभरी इसके पीछे तेजस्वी यादव का कठोर परिश्रम है। शिवसेना नेता संजय राउत ने अपने एक बयान में तेजस्‍वी यादव की शानदार सफलता को देखते हए बिहार चुनाव का मैन ऑफ द मैच करार दिया था।

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तेजस्वी के दम पर पार्टी ने हासिल किया पहला स्थान
बिहार विधानसभा चुनाव में जिन खास चेहरों पर जनता की नजरें टिकी रहीं उनमें से एक थे तेजस्वी यादव, जिन्होंने युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने में बहुत हद तक सफला प्राप्त की। तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी, मंहगाई, लॉकडाउन के दौरान राज्य की जनता की बदहाली पर केंद्र के अनदेखी जैसे मु्द्दों को पूरी गंभीरता के साथ उठाया। यादव ने चुनाव प्रचार की शुरुआत से ही वास्तविक मुद्दों को केंद्र में रखा और सबसे बड़ा दांव दस लाख नौकरियों पर खेला।

सीएम के साथ शिवराज ने ऐसे निभाई प्रचार की जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 19 सीटों पर धमाकेदार जीत दर्ज कर एक बार फिर राज्य की जनता का विश्वास जीत लिया। वहीं कांग्रेस को महज 9 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन राज्य की जनता ने कांग्रेस की बजाय बीजेपी पर अपना भरोजा जताया और इसका एकमात्र कारण रहे राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान, जिन्होंने मुख्यमंत्री के साथ-साथ बीजेपी के प्रचार की जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई।

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एमपी की जनता ने एक बार फिर जताया 'मामा' पर भरोसा
उपचुनाव के दौरान सीएम शिवराज की कड़ी मेहनत किसी से छिपी नहीं रही, वे इस दौरान सुबह 11 बजे तक प्रदेश का कामकाज देखते थे और उसके बाद चुनाव प्रचार पर निकल जाते थे। इस दौरान उन्होंने 50 से करीब जनसभाओं को संबोधित किया। मध्य प्रदेश की जनता के बीच 'मामा' के रूप में पहचाने जाने वाल शिवराज सिंह चौहान के भीतर का एक ग्रामीण, किसान और मध्यमवर्गीय व्यक्ति जिंदा है। एक मध्यमवर्गीय व्यक्ति के दुख और सुख, चुनौतियों और संघर्षों को वे अपना मानते हैं, राज्य की जनता ने मामा पर एक बार फिर भरोसा किया और राज्य में पार्टी ने 19 सीटों पर जबरदस्त जीत दर्ज की।

विजय रुपाणी ने ऐसे जीता जनता का दिल 
गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा ने सभी आठ विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। प्रदेश की इन आठों सीटों पर तीन नवंबर 2020 को उपचुनाव कराया गया था। इन सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा सदस्यों की संख्या बढ़कर अब 111 पहुंच गई है। दरअसल, गुजरात की विजय रुपाणी सरकार ने राज्य की महिलाओं को ब्याज मुक्त कर्ज देने के लिए विशेष स्‍कीम जैसी कई अहम योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन भी किया गया, जिसका राज्य की जनता को सीधा फायदा मिला है, यहां जनता का आज भी बीजेपी पर भरोसा कायम है।

 

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