Tuesday, Jun 22, 2021
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Safarnama 2020 WHO statement that created worldwide DJSGNT

सफरनामा 2020: कोरोना संकट के बीच WHO के वो बयान जिसने दुनियाभर में पैदा की हलचल

  • Updated on 12/31/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस (Corona Virus) का कहर थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। आए दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बीते एक साल में कोरोना की रफ्तार में अचानक से तेजी आई। इस दौरान दुनिया के अनेक देशों में लॉकडाउन लगाया गया। इसी को लेकर बीच-बीच में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कई ऐसे बयान दिए, जिसने दुनियाभर में हलचल पैदा कर दी...

पहले दौर का कोरोना वापस नहीं हुआ
डब्लूएचओ के कार्यकारी निदेशक डॉ. माइक रयान ने कहा है कि दुनिया के कई हिस्सों में अभी वास्तव में संक्रमण बढ़ रहा है। वह दक्षिण एशिया, दक्षिण अमेरिका और अन्य इलाकों को उदाहरण देते हुए कहते हैं कि इसे देखकर नहीं कहा जा सकता है कि हम कोरोना के पहले दौर से निकल चुके हैं। वह कहते हैं कि अभी हम कोरोना के पहले दौर में हीं कहीं बीचों-बीच फंसे हुए हैं। 

दूसरी महामारी के लिए तैयार रहें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पूरी दुनिया को चेताया था कि वह दूसरी महामारी (Pandemic) के लिए तैयार रहे। उसने कहा है कि कोरोना कोई आखिरी महामारी नहीं है। मगर हमें अब अपने पब्लिक हेल्थ सेक्टर (Public Health sector) में ज्यादा से ज्यादा निवेश करना होगा ताकि दोबारा कभी ऐसी स्थिति सामने आए तो उससे निपटा जा सके। 

बता दें WHO प्रमुख डॉ. टेड्रोस अधनोम घ्रेबेसिस ने कहा है कि दुनिया को दूसरी महामारी के लिए तैयार रहना चाहिए। वह कहते हैं कि कोरोना ने 2.71 करोड़ लोगों को संक्रमित किया और 8.88 लोगों को जान ले ली यह सब बहुत कम समय में हो गया। इसलिए अब हमें आगे आने वाली बीमारियों से निपटने के लिए अपने पब्लिक हेल्थ सेक्टर में निवेश करना होगा।

वैक्सीन के कारगर होने की गारंटी नहीं
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस ने एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि डब्लूएचओ के पास इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कोरोनो महामारी के लिए विकसित किए जा रहे वैक्सिनों में से कोई काम करेगा या नहीं। डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा कि इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि विकास के चरण से गुजरने के दौरान भी कोई टीका काम करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि जितना ज्यादा से ज्यादा स्वयंसेवकों पर टीकों का परीक्षण किया जाएगा, एक बेहतर और प्रभावी वैक्सीन के विकास में यह उतना ही अच्छा परिणाम होगा।

टेड्रोस ने कहा कि इस महामारी से निपटने के लिए स्वयंसेवकों के माध्यम से लगभग 200 वैक्सीन विकसित किए जा रहे हैं। कोरोना के लिए यह वैक्सीन वर्तमान में परीक्षण के चरण में हैं। विकास के चरण में इनमें से कुछ असफल होंगे और कुछ सफल होंगे

20 साल से कम उम्र वाले को कोरोना संक्रमण के खतरे कम
डब्लूएचओ ने कहा था कि दुनिया से सामने आ रहे आंकड़ों में ऐसा देखने को मिल रहा है कि पूरी दुनिया में 20 साल से कम उम्र के लोगों पर कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा काफी कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस उम्र के लोगों की इम्युनिटी काफी बेहतर है। वहीं, डब्लूएचओ ने ये भी कहा था कि दुनिया के कुछ देशों में कोरोना वापस लौट रहा है जिसका कारण भी इसी उम्र के लोग बन रहे हैं। 20 साल से कम उम्र वाले लोग कोरोना को फ़ैलाने का जरिया बन रहे हैं।

डब्लूएचओ का कहना है कि दुनिया में कोरोना संक्रमण के जितने भी केस समाने आए हैं उनमें 20 साल से कम उम्र वालों की संख्या 10% से कम है। जबकि इस उम्र के मात्र 0.2%  लोगों की मौत कोरोना से हुई है।

 

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