Wednesday, Feb 26, 2020
sai-baba-birthplace-dispute-shops-restaurants-local-transport-services-closed

Sai baba Birthplace विवाद: दुकानें, भोजनालय, स्थानीय परिवहन सेवाएं बंद

  • Updated on 1/19/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। साई बाबा के जन्मस्थल (Sai Baba's Birthplace) को लेकर चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र (Maharashtra) के शिरडी (Shirdi) में दुकानें, भोजनालय एवं विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और वाहन भी सड़कों से नदारद रहें। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने इस मामले पर सोमवार को राज्य सचिवालय में एक बैठक भी बुलाई है। मंदिर न्यास और अहमदनगर (Ahmednagar) जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि बंद (Bandh) आधीरात को शुरू हुआ लेकिन शिरडी का साई मंदिर खुला रहा और श्रद्धालुओं ने वहां पूजा-अर्चना की।     

हार्दिक की गिरफ्तारी पर प्रियंका गांधी का आरोप- नौकरियां मांगने पर परेशान कर रही BJP

शिरडी बंद लेकिन खुला साई बाबा मंदिर
अधिकारियों के अनुसार शिरडी मंदिर के 'प्रसादालय' और 'लड्डू' बिक्री के केन्द्रों पर लंबी कतारें दिखीं। स्थानीय भाजपा (BJP) पदाधिकारी सचिन तांबे पाटिल (Sachin Tambe Patil) ने बंद को 'सफल' करार दते हुए कहा, "व्यावसायिक प्रतिष्ठान, दुकानें, भोजनालय और स्थानीय परिवहन सेवाएं बंद रहीं और शहर सहित शिरडी के आसपास 25 गांवों में पूरी तरह बंद रहा।" उन्होंने कहा, "मंदिर खुला है और श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए आ रहे हैं।"

आस्था स्थलों पर शीष झुकाकर नामांकन करने पहुंचे आप उम्मीदवार

BJP ने किया बंद का समर्थन
उन्होंने बताया कि रविवार को यहां एक रैली का आयोजन किया गया है। जिला प्रशासन अधिकारी ने बताया कि पहले से होटल बुक करने वाले श्रद्धालुओं को वहां रहने की अनुमति है और हवाई अड्डे से मंदिर तक टैक्सी सेवाएं भी सामान्य हैं। उन्होंने बताया कि अन्य स्थानों से आने वाली राज्य परिवहन बसों को भी शहर में आने की अनुमति है। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं स्थानीय भाजपा विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल (Radhakrishna Vikhe Patil) ने शनिवार को कहा था कि वह बंद के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं।

दिल्ली चुनाव: टिकट बंटवारे को लेकर BJP कार्यकर्ताओं का नड्डा के घर के बाहर प्रदर्शन

उद्धव ठाकरे के बयान से मचा बवाल
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के परभणी जिले के पाथरी में साई बाबा जन्मस्थान पर सुविधाओं का विकास करने के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने की घोषणा के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ। शिरडी के स्थानीय लोगों एवं नेताओं ने पाथरी को साईबाबा (Sai Baba) का जन्म स्थान बताने पर आपत्ति जताई और दावा किया कि उनका जन्मस्थान और उनका धर्म अज्ञात है। वे ठाकरे से अपना आधिकारिक बयान वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ठाकरे सभी संबंधित पक्षों के साथ राज्य सचिवालय में सोमवार को बैठक करेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.