Tuesday, Aug 03, 2021
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किसान आंदोलन के बीच गाजीपुर बॉर्डर पुहंचे राउत, कहा- किसानों के साथ ठाकरे सरकार

  • Updated on 2/2/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केंद्र के नए कृषि कानूनों (Farm Laws) के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों (Farmers) का आंदोलन 69वें दिन भी जारी है। पिछले दो महीने से भी अधिक समय से आंदोलन कर रहे किसानों को देश के विभिन्न दल अपना समर्थन दे चुके हैं। वहीं समय-समय पर कुछ विपक्षी नेता किसानों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए इनके आंदोलन में शामिल होते रहे हैं। इसी कड़ी में शिवसेना सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) मंगलवार को गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur Border) पहुंचे। यहां उन्होंने राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) से मुलाकात की। इस दौरान राउत ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार किसानों के साथ है और उनके आंदोलन का पूरा समर्थन करती हैं।

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राकेश टिकैत से मिले शिवसेना सांसद
बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत और संजय राउत गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत से मिले। इसे दौरान राउत ने पत्रकारों से कहा, 'हमारे शिवसेना के सभी सांसद यहां आए हैं। राकेश टिकैत से बात हो गई है और उन्हें जो संदेश देना था हमने दे दिया है। हम पूरी ताकत से उनके साथ रहेंगे। सरकार को ठीक से बात करनी चाहिए, बात में राजनीति नहीं आनी चाहिए।'

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संजय राउत ने कहा- जय जवान, जय किसान
इससे पहले शिवसेना (Shiv Sena) के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने ट्वीट कर लिखा, 'किसान आंदोलन जिंदाबाद। मैं आज आंदोलनरत किसानों से मिलने के लिए दोपहर एक बजे गाजीपुर बॉर्डर जाऊंगा। जय जवान, जय किसान।'

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बजट के जरिए वोट की 'गंदी राजनीति' कर रहा है केंद्र- शिवसेना
बता दें कि शिवसेना ने मंगलवार को दावा किया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में उन कुछ राज्यों के लिए बड़े पैकेज की घोषणा की है जहां आगामी कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। उसने पूछा कि क्या बजट का इस्तेमाल चुनाव जीतने के हथियार के रूप में करना सही है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है कि उन राज्यों को अधिक धन आवंटित करना 'घूस' देने के समान है जहां आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उसने केंद्र पर बजट के जरिए वोट की 'गंदी राजनीति' करने का नया चलन शुरू करने का आरोप लगाया।

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बजट में बंगाल समेत कई राज्यों को तोहफा
शिवसेना ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कोष में सर्वाधिक राजस्व का योगदान देने वाले राज्य महाराष्ट्र की केन्द्र ने उपेक्षा की। सीतारमण ने सोमवार को केंद्रीय बजट 2021-22 पेश किया। संपादकीय में कहा गया, 'दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि (केंद्र) सरकार ने बजट के जरिए वोटों की गंदी राजनीति का खेल खेलने का नया चलन शुरू किया है।' संपादकीय के अनुसार पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल में विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए वित्तमंत्री ने उन राज्यों को बड़े पैकेज और परियोजनाएं का आवंटन किया।

उसमें कहा गया है कि नासिक और नागपुर मेट्रो परियोजनाओं के लिए प्रावधानों को छोड़कर बजट में मुंबई और महाराष्ट्र के हाथ कुछ नहीं आया। केंद्र ने नासिक मेट्रो के लिए बजट में 2,092 करोड़ रूपये का और नागपुर मेट्रो फेज-2 के लिए 5,976 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। शिवसेना ने सवाल किया, 'यह भेदभाव क्यों?'  

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