Thursday, Sep 23, 2021
-->
sanjay raut targeted bhagat singh koshyari said governor is crossing his limits pragnt

संजय राउत ने साधा भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना, कहा- राज्यपाल लांघ रहे मर्यादा

  • Updated on 10/15/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के चलते लंबे समय से बंद धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने को लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को पत्र लिखने के बाद राजनीति शुरू हो गई है। इस मामले में शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) लगातार राज्यपाल पर निशाना साध रहे हैं। इस बार संजय राउत ने कहा कि राज्यपाल को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के सेक्युलर होने पर भी सवाल पूछना चाहिए।

धर्मनिरपेक्षता का ‘‘मजाक’’ उड़ाने पर माकपा ने की राज्यपाल कोश्यारी को हटाने की मांग

शिवसेना ने साधा निशाना
संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और हमारा संविधान भी सेक्युलर है, हिंदुत्व जरूर हमारे मन में..हमारे कार्यों में है लेकिन देश तो सेक्युलर से चलता है। राज्यपाल अगर सीएम के सेक्युलर होने पर सवाल उठाते हैं तो राष्ट्रपति को यही सवाल राज्यपाल और पीएम से पूछना चाहिए।' 'शिवसेना सेक्युलर है' के सवाल पर उन्होंने कहा, 'अगर मंदिर की बात है तो एक राष्ट्रीय पॉलिसी बनानी चाहिए। प्रधानमंत्री को खुलकर सामने आना चाहिए कि आज रात से सभी मंदिर खुलेंगे। हम फिर मंदिर खोल देंगे।

मुंबई : पावर कट पर बोले ऊर्जा मंत्री नितिन राउत- उपकरणों के साथ हुई छेड़छाड़

राज्यपाल के पत्र पर संजय राउत का पलटवार
इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा था कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सिर्फ यह देखना चाहिए कि महाराष्ट्र में संविधान के अनुसार शासन चल रहा है या नहीं और बाकी चीजों की देखभाल के लिए लोगों द्वारा एक निर्वाचित सरकार है। राज्य में उपासना स्थलों को खोलने को लेकर कोश्यारी द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखने और उस पर ठाकरे के जवाब के आलोक में राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि शिवेसना का हिंदुत्व दृढ है और मजबूत बुनियाद पर टिका है और उसे इस पर किसी से पाठ की जरूरत नहीं है। 

शरद पवार ने पीएम मोदी से कहा- राज्यपाल ने किया अंसयमित भाषा का इस्तेमाल

राज्यपाल को रखना चाहिए ध्यान
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि अब भी कोरोना वायरस का खतरा बना हुआ है। उसका हवाला देते हुए राउत ने कहा कि स्वास्थ्य चिंता के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा का ख्याल रखना ठाकरे की जिम्मेदारी है और राज्यपाल को तो यह काम अच्छी तरह करने के लिए ठाकरे की प्रशंसा करनी चाहिए। राउत ने कहा, 'कोश्यारी राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं। उन्हें यह देखना है कि राज्य में शासन संविधान के अनुसार चल रहा है या नहीं। बाकी बातों के लिए लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार है। वह निर्णय लेती है।

सिद्धविनायक मंदिन न खोले जाने पर राज्यपाल का उद्धव पर तंज, बोले- देव आदेश है या अचानक सेक्युलर हो गए

चीन को लेकर कहा ये
लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की कार्रवाई की खबरों का जिक्र करते उन्होंने कहा कि यह राज्यों के मुख्यमंत्रियों का नहीं बल्कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री , रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख को बताना है कि सेना को ऐसे मामलों में क्या करना चाहिए। शिवसेना नेता ने कहा कि इसी प्रकार महाराष्ट्र में लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार, मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद है जो कोविड-19 संकट पर गौर करके यह तय करेगी कि राज्य में पाबंदियों में कैसे ढील दी जाए। राज्यपाल द्वारा मुख्मयंत्री से यह सवाल करने पर कि क्या वह धर्मनिरपेक्ष हो गये हैं, राउत ने कहा कि क्या कोश्यारी धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं। 

TRP पर बवाल के बीच BARC ने लिया बड़ा फैसला, नहीं जारी करेगा 12 हफ्ते तक टीवी रेटिंग्स

सीएम और राज्यपाल के बीच बनी तनातनी
सीएम ठाकरे और राज्यपाल कोश्यारी के बीच मंगलवार को उस वक्त तना तनी हुई जब कोश्यारी ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बंद किए गए धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने की मांग की और शिव सेना प्रमुख से पूछा कि क्या वह अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं। कोश्यारी के पत्र के जवाब में ठाकरे ने कहा कि वह उनके अनुरोध पर गौर करेंगे और उन्हें 'अपने हिंदुत्व' के लिए राज्यपाल का प्रमाणपत्र नहीं चाहिए। 

comments

.
.
.
.
.