Sunday, Dec 04, 2022
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संजीवनी सोसाइटी घोटाला: राजस्थान हाई कोर्ट ने शोखावत को जारी किया नोटिस

  • Updated on 12/23/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राजस्थान हाई कोर्ट (Rajasthan High Court) ने संजीवनी को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में हुए कथित 900 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat), उनकी पत्नी और 15 अन्य को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति विजय विश्नोई की खंडपीठ ने यह नोटिस सोसायटी में निवेश करने वालों के संगठन संजीवनी पीड़ित संघ की ओर से दायर याचिका पर जारी किया।

राजस्थान: संजीवनी कोऑपरेटिव में गबन के मामले में केंद्रीय मंत्री को HC ने जारी किया नोटिस

करीब 900 करोड़ के गबन का है मामला
याचिकाकर्ता के वकील मधुसूदन पुरोहित ने कहा कि सोसायटी के चेयरमैन विक्रम सिंह और शेखावत सहित अन्य लोगों ने फर्जी दस्तावेज व पोस्टर दिखा निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की। आरोप है कि शेखावत जोधपुर से लोकसभा चुनाव जीतने से पहले सोसायटी में साझेदार थे। संजीवनी पीड़ित संघ ने सोसाइटी के मालिक, साझेदार और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर हजारों निवेशकों को इंसाफ दिलाने का अनुरोध किया है जिन्होंने कथित तौर पर अपना 900 करोड़ रुपए खो दिया है।

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शेखावत को HC ने जारी किया नोटिस
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और उनकी पत्नी को राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर ब्रांच ने संजीवनी क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसयाटी में धन के गबन के मामले में नोटिस जारी कर दिया है। निवेशकों ने सोसाइटी में अपनी मेहनत की कमाई निवेश की थी, लेकिन जब इन्हें पैसे वापस देने का समय आया तो सोसायटी मुकर गई। धन वापसी की मांग को लेकर निवेशकों ने संजीवनी पीड़ित संघ के नाम से संस्था की शुरूआत की थी।

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सभी 17 पक्षकारों को नोटिस जारी
संजीवनी पीड़ित संघ ने यूनियन ऑफ इंडिया सहित सोसायटी के विक्रम सिंह, विनोद कंवर, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और उनकी पत्नी नौनंद कंवर को भी पक्षकार बनाया है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस विजय विश्नोई की बेंच ने संजीवनी पीड़ित संघ की याचिका पर सुनाई करते हुए पक्षकार बनाए गए यूनियन ऑफ इंडिया समेत सभी 17 पक्षकारों को नोटिस जारी कर दिया है। 

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अधिवक्ताओं ने रखी ये बात
इस मामले में अधिवक्ता मधुसुदन पुरोहित और अमित कुमार ने उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका पेश कर बताया कि संजीवनी क्रेडिट कॉओपरेटिव सोसायटी ने  बड़ी धनराशि निवेश में लगवा कर विक्रम सिंग और उसके सहयोगियों को धोखा दिया है, उन्होंने फर्जी रिकॉर्ड दिखाकर निवेशरों को गुमराह किया है।  

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निवेशकों ने कोर्ट में रखी ये मांग
ऐसे में अब संस्था की मांग है कि इस मामले की जांच ईडी, एसएपआईओ और सीबीआई से कराई जाए। वहीं पीड़ित निवेशकों की मांग है कि इस क्रेडिट सोसायाटी की पूरी संपत्ति को कोर्ट अपने अंडर में लेकर एक रिसीवर की न्यूक्ति करे और  सोसाइटी की संपत्ति को बेचकर निवेशकों की धनराशि उन्हें वापस की जाए।

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