Tuesday, Nov 19, 2019
Sant Ravidas Temple Tughlakabad Congress Rajesh Lilothia Petition Against DDA

संत रविदास मंदिर तोड़े जाने पर DDA के खिलाफ SC में राजेश लिलोठिया ने दायर की याचिका

  • Updated on 9/27/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दिल्ली कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया (Rajesh Lilothia) ने तुगलकाबाद स्थित संत रविदास मंदिर (Sant Ravidas Temple) तोड़े जाने के मामले में डीडीए (DDA) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दर्ज की है। इससे पहले हरियाणा कांग्रेस (Haryana Congress) के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर (Ashok Tanwar) और पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने सुप्रीम कोर्ट में मंदिर के पुननिर्माण के लिए याचिका दायर की थी।

मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग करने वाली इस याचिका में कहा गया है कि पूजा का कर संवैधानिक अधिकार है। हमार संविधान हमें धर्म के प्रचार प्रसार की स्वतंत्रता भी देता है। मंदिर का पुनर्निर्माण कर मूर्ति की स्थापना की जानी चाहिए।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डीडीए ने 10 अगस्त को संत गुरु रविदास (Sant Guru Ravidas) के मंदिर (Temple) को तोड़ दिया था। जिसके बाद उनके अनुयायियों ने कोहराम मचा दिया था। लाठी-डंडों से लैस अनुयायी मंदिर तोड़ने का विरोध कर रहे थे। उस समय पुलिस ने 96 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर भी शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद केंद्र सरकार की भी खूब आलोचना हुई। 

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जमीन डी-नोटिफाइ करने के लिए केंद्रीय मंत्री को लिखा खत
आम आदमी पार्टी प्रशासित दिल्ली सरकार ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मंदिर के पुनर्निमार्ण के लिए फॉरेस्ट की जमीन डी-नोटिफाइ करने के लिए एक पत्र भी लिखा था। उन्होंने लिखा कि मुझे बताया गया है कि मंदिर को दोबारा स्थापित करने और इस अन्याय को ठीक करने का अभी भी अवसर है।

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जमीन पर डीडीए का स्वामित्व
जनता की भावनाओं के अनुरूप कार्य करने के लिए डीडीए अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकती है। सीएम केजरीवाल ने अपने पत्र में ये भी लिखा था कि जमीन पर डीडीए का स्वामित्व है। ये वन विभाग की जमीन है और इस पर डीडीए का नियंत्रण है, इसलिए केवल केंद्र ही जमीन का डि-नोटिफिकेशन कर सकता है।  

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