Thursday, Apr 02, 2020
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उमर अब्दुल्ला पर PSA लगाने का मामला पहुंचा SC, बहन ने दाखिल की याचिका

  • Updated on 2/10/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) की बहन सारा अब्दुल्ला पायलट (Sara Abdullah Pilot) ने जन सुरक्षा कानून (PSA) के तहत उनकी (उमर) हिरासत को चुनौती देने के लिए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया। 

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याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने न्यायमूर्ति एन वी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ से मामले को सुनवाई के लिए तत्काल सूचीबद्ध करने का उल्लेख किया। सिब्बल ने पीठ को बताया कि उन्होंने पीएसए के तहत अब्दुल्ला की हिरासत को चुनौती देते हुए एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है और इस सप्ताह मामले की सुनवाई की जानी चाहिए। पीठ ने मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

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उमर-महबूबा पर लगा PSA
दरअसल, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) की 6 महीने की 'एहतियातन हिरासत' पूरी होने से महज कुछ घंटे पहले गुरुवार को उनके खिलाफ जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया। इससे पहले दिन में नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव और पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर और पीडीपी के वरिष्ठ नेता सरताज मदनी पर भी पीएसए लगाया गया। 

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मोहम्मद सागर को पीएसए नोटिस
नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव और पूर्व मंत्री मोहम्मद सागर को प्रशासन ने पीएसए नोटिस थमाया। शहर के कारोबारी इलाके में सागर का मजबूत आधार माना जाता है।

इसी प्रकार पीडीपी के नेता सरताज मदनी के खिलाफ भी पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है। मदनी महबूबा मु ती के मामा हैं। सागर और मदनी दोनों को केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त के बाद राज्य के नेताओं पर की गई कार्रवाई के तहत नजरबंद किया गया था।

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हतियातन हिरासत अवधि  गुरुवार को खत्म
पांच अगस्त को केंद्र ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के साथ ही इसे दो केंद्र शासित हिस्सों में बांट दिया था। इन लोगों की छह महीने की एहतियातन हिरासत अवधि  गुरुवार को खत्म हो रही थी।

इससे पूर्व अधिकारियों ने बताया था कि नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व विधायक बशीर अहमद वीरी के खिलाफ भी पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें रिहा कर दिया गया है।

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