Tuesday, May 17, 2022
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दरवाजा तोड़कर देखा तो पंखे से लटके मिले महंत नरेंद्र गिरि : सर्वेश द्विवेदी 

  • Updated on 9/23/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की कथित आत्महत्या की घटना के बाद घटनास्थल पर पहुंचने वाले प्रमुख लोगों में से एक सर्वेश द्विवेदी उर्फ बबलू ने दावा किया है कि उनका (महंत) फोन बंद आ रहा था और दरवाजा खटखटाने के बाद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो शिष्यों ने किवाड़ तोड़ी जहां वह पंखे से लटके मिले। 

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बबलू ने कहा, ‘‘जब हम दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो महाराज जी पंखे से लटके मिले। हमने आनन-फानन में चाकू मंगाया और रस्सी को काटकर उन्हें नीचे उतारा। हमें लग रहा था कि महाराज जी जिंदा होंगे लेकिन जब कोई हलचल नहीं हुई तो हमने पुलिस को फोन किया और 15 से 20 मिनट में पुलिस वहां आ गई जिसने फिर आगे की कार्रवाई।’’ उन्होंने बताया कि गिरि उस कमरे में स्थायी तौर पर नहीं रहते थे और जब वहां आते थे तो वहां बैठते थे एवं विश्राम करते थे तथा उस दिन भी यही हुआ। बबलू ने कहा, ‘‘हम लोगों ने फोन किया तो उनका फोन बंद था जिसके बाद दरवाजा तोड़ा गया।’’

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संदीप तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की कथित आत्महत्या के मामले में तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को बृहस्पतिवार को पुलिस सुरक्षा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पूर्व, अदालत ने बुधवार को इस मामले में दो अन्य आरोपियों-आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। 

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जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि आरोपी संदीप तिवारी को पुलिस सुरक्षा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र नाथ की अदालत में बृहस्पतिवार को पेश किया गया। उन्होंने बताया कि संदीप तिवारी के वकील ने अदालत में जमानत का प्रार्थना पत्र पेश किया जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया। अग्रहरि ने बताया कि बृहस्पतिवार को आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी के वकील ने अदालत से अपने मुवक्किलों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र दिया जिस पर अदालत ने कहा कि जेल नियमावली और अन्य विधिक प्रावधानों को देखते हुए आनंद गिरि और आद्या प्रसाद तिवारी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। 

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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अगले आदेश तक आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होगी। बृहस्पतिवार को अदालत में जांच अधिकारी महेश सिंह द्वारा साक्ष्य के तौर पर मृतक के दो मोबाइल फोन, मौत से पूर्व महंत नरेंद्र गिरि द्वारा बनाया गया वीडियो, नायलान की रस्सी, चाकू, सात पेज का सुसाइड नोट, पांच अन्य मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव प्रस्तुत किया गया।

 

 

 

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