Wednesday, Oct 16, 2019
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RTI में हुआ बड़ा खुलासा, SBI ने ठंडे बस्ते में डाला 76,600 करोड़ रुपए का लोन

  • Updated on 10/11/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 76,600 करोड़ रुपए के बैड लोन को राइट ऑफ कर दिया है, यानी इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ये लोन 220 लोगों ने लिए थे जो अब इसे नहीं चुका रहे हैं। इनमें से प्रत्येक पर 100 करोड़ रुपए से अधिक का लोन है। इस बात का खुलासा आर.टी.आई. (RTI) के तहत मिली जानकारी से हुआ है।  

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31 मार्च 2019 को एस.बी.आई. 33 उधारकर्ताओं से 37,700 करोड़ रुपए रिकवर नहीं कर सकी। इनमें से प्रत्येक उधारकर्ता के ऊपर 500 करोड़ या इससे अधिक का लोन था। खबर के अनुसार बैंक ने अपने बैड लोन को 100 करोड़ से अधिक और 500 करोड़ से अधिक कैटागरी के 2 ग्रुपों में बांटा। बैंक की तरफ  से 100 करोड़ से अधिक लोन लेने वालों का कुल 2.75 लाख करोड़ रुपए के लोन को राइट ऑफ  किया गया।

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पीएनबी ने भी 31 मार्च को 27,024 करोड़ रुपए का लोन किया था राइट ऑफ
बैड लोन को राइट ऑफ करने वाला एस.बी.आई. एकमात्र बैंक नहीं है। 31 मार्च को पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) ने भी 94 उधारकर्ताओं के 27,024 करोड़ रुपए का लोन राइट ऑफ  किया। पी.एन.बी. ने 500 करोड़ रुपए से अधिक का लोन लेने वाले 12 बड़े डिफाल्टर्स का 9,037 करोड़ रुपए का लोन भी राइट ऑफ किया। आमतौर पर बैंक की तरफ से जो लोन वसूल नहीं किया जा सकता है उसे राइट ऑफ कर दिया जाता है। इसका उद्देश्य बैलेंसशीट को दुरुस्त करना होता है। राइट ऑफ करने से लोन वसूली की प्रक्रिया रुकती नहीं है। इसमें पैसा लौटने की उम्मीद बनी रहती है। इसके अतिरिक्त बैंक भविष्य में कानूनी तरीके से राइट ऑफ किए गए कर्ज की वसूली के लिए स्वतंत्र रहता है।

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एफ.डी. में फंसे हुए हैं सीनियर सिटीजनों के 14 लाख करोड़!
एस.बी.आई. ने फिक्स डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दर में कटौती कर सीनियर सिटीजनों और रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है। एस.बी.आई. ने लोन के लिए ब्याज दरों में कमी करने के साथ ही सीनियर सिटीजनों के लिए 1-2 साल की एफ.डी. की ब्याज दर में .10 प्रतिशत की कमी की। यह दर 7 से कम होकर अब 6.9 प्रतिशत हो गई है। एस.बी.आई. का कहना है कि ब्याज दरों में कटौती से सिस्टम में सरप्लस लिक्विडिटी आने की उम्मीद है।

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एस.बी.आई. के इस फैसले से करीब 4 करोड़ सीनियर सिटीजनों के प्रभावित होने की आशंका है। एस.बी.आई. की एक रिपोर्ट के अनुसार करीब 4.1 करोड़ सीनियर सिटीजनों का खाता होने की बात कही गई थी। इन खातों में 14 लाख करोड़ रुपए जमा होने की बात भी रिपोर्ट में थी। ऐसे में एफ.डी. की ब्याज दरों में बदलाव होने से इन जमा राशि पर सीधे तौर पर प्रभाव पड़ेगा। इससे वरिष्ठ नागरिकों में बेचैनी बढऩा स्वाभाविक है। 

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