Friday, Dec 09, 2022
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sc stays on sedition law, no case will registered under 124a till reexamination kmbsnt

Sedition Law पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, पुनर्विचार तक 124A के तहत नहीं होगा कोई केस दर्ज

  • Updated on 5/11/2022

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। राजद्रोह कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आईपीसी की धारा 124ए के प्रावधानों पर फिर से विचार करने और पुनर्विचार करने की अनुमति दी है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि जब तक पुनर्विचार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक 124ए के तहत कोई मामला दर्ज नहीं होगा।

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अगर देशद्रोह के मामले दर्ज किए जाते हैं, तो पक्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र हैं और अदालत को इसका तेजी से निपटान करना होगा।

सुप्री्म कोर्ट में केंद्र का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमने राज्य सरकारों को जारी किए जाने वाला निर्देश मसौदा तैयार कर लिया है। इसके अनुसार राज्य सरकारों को स्पष्ट निर्देश होगा कि  बिना एसपी या उससे उच्च स्तर के अधिकारी की मंजूरी के राजद्रोह की धाराओं में एफआईआर दर्ज न हो। 

तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि पुलिस अधिकारी राजद्रोह का मामला दर्ज करने के स्पष्ट कारण भी बताएं। इसके साथ ही तुषार मेहता ने कोर्ट से अनुरोध किया कि फिलहाल इस कानून पर रोक न लगाई जाए।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने मांक की थी कि राजद्रोह कानून पर तत्काल रोक लगाए जाने की जरूरत है। आज बुधवार को तमाम दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने राजद्रोह के कानून पर रोक लगा दी है। जब तक केंद्र इस  पर पुनर्विचार करेगा तब तक कोई भी नया केस दर्ज नहीं किया जा सकेगा। इसके अवाला लंबित मामलों पर भी कोई कार्रवाई नहीं होगी। 

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