Wednesday, Jul 15, 2020

Live Updates: Unlock 2- Day 14

Last Updated: Tue Jul 14 2020 09:32 PM

corona virus

Total Cases

933,868

Recovered

590,455

Deaths

24,291

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA267,665
  • TAMIL NADU147,324
  • NEW DELHI115,346
  • GUJARAT43,723
  • UTTAR PRADESH39,724
  • KARNATAKA36,216
  • TELANGANA33,402
  • WEST BENGAL28,453
  • ANDHRA PRADESH27,235
  • RAJASTHAN24,487
  • HARYANA21,482
  • MADHYA PRADESH17,201
  • ASSAM16,072
  • BIHAR15,039
  • ODISHA13,737
  • JAMMU & KASHMIR10,156
  • PUNJAB7,587
  • KERALA7,439
  • CHHATTISGARH3,897
  • JHARKHAND3,774
  • UTTARAKHAND3,417
  • GOA2,368
  • TRIPURA1,962
  • MANIPUR1,593
  • PUDUCHERRY1,418
  • HIMACHAL PRADESH1,182
  • LADAKH1,077
  • NAGALAND771
  • CHANDIGARH549
  • DADRA AND NAGAR HAVELI482
  • ARUNACHAL PRADESH341
  • MEGHALAYA262
  • MIZORAM228
  • DAMAN AND DIU207
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS163
  • SIKKIM160
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
sc-will-be-ridiculed-for-changing-bcci-revised-constitution-lodha-committee

BCCI का संशोधित संविधान में बदलाव करना SC का उपहास होगा : लोढ़ा समिति

  • Updated on 11/12/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बीसीसीआई (BCCI) का नया संविधान तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले लोढ़ा समिति (Lodha Committee) के सचिव गोपाल शंकरनारायणन (Gopal Sankaranarayanan) ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देश पर किए गए सुधारों में बदलाव करने की बोर्ड की योजना देश की सर्वोच्च न्यायिक सत्ता का उपहास होगा।

शंकरनारायणन का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की अब भी इस मामले में भूमिका है और उसे उचित कदम उठाने चाहिए अन्यथा बीसीसीआई के प्रशासनिक ढांचे में सुधार करने के उसके सारे प्रयास बेकार चले जाएंगे। उन्होंने 'ईएसपीएनक्रिकइन्फो' से कहा, "अगर ऐसा करने की अनुमति दी जाती है और अगर अदालत में इसे चुनौती नहीं दी जाती और न्यायालय में भी इसे चुनौती नहीं मिलती या वह इस पर संज्ञान नहीं लेता है तो इसका मतलब न्यायालय और पिछले वर्षों में किये गये कार्यों का उपहास करना होगा।"

भारत को मिली हॉकी पुरूष वर्ल्ड कप की मेजबानी, 2023 में होगा आयोजन

संशोधित संविधान में बदलाव का प्रस्ताव शनिवार को सामने आया जब बीसीसीआई के नये सचिव जय शाह ने बोर्ड की एक दिसंबर को मुंबई में होने वाली वार्षिक आम बैठक (AGM) के लिए एजेंडा तैयार किया। सबसे प्रमुख संशोधनों में पदाधिकारियों के लिए विश्राम की अवधि (कूलिंग ऑफ पीरियड) से जुड़े नियमों को बदलना, अयोग्यता से जुड़े विभिन्न मानदंडों को शिथिल करना और संविधान में बदलाव करने के लिये उच्चतम न्यायालय से मंजूरी लेने की जरूरत को समाप्त करना शामिल हैं।

शंकरनारायणन ने कहा, "इसका मतलब होगा कि जहां तक क्रिकेट प्रशासन और सुधारों की बात है तो फिर से पुराने ढर्रे पर लौट जाना। अधिकतर महत्वपूर्ण बदलावों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।" शंकरनारायणन लोढ़ा समिति के सचिव थे जिसे उच्चतम न्यायालय ने देश के क्रिकेट प्रशासन में सुधार करने के लिए 2015 में नियुक्त किया था। पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर एम लोढ़ा इस समिति के अध्यक्ष थे जिसमें उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायधीश आर वी रवींद्रन और अशोक भान भी शामिल थे। 

टी20 में रिकार्ड प्रदर्शन के बाद रैंकिंग में चाहर ने लगाई 88 पायदान की लंबी छलांग

शंकरनारायणन ने कहा कि अगर बदलावों को अपनाया जाता है तो उन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने कहा, "वे यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब वह (बीसीसीआई) (संविधान में) बदलाव करेगा तो उन्हें उच्चतम न्यायालय की अनुमति की जरूरत नहीं होगी।" सुधारों का खाका तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले शंकरनारायणन का हालांकि मानना है कि शीर्ष अदालत भी वर्तमान स्थिति के लिये आंशिक रूप से जिम्मेदार है क्योंकि उसने सुधारों को कमजोर करने में भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, "अगर संशोधन सर्वसम्मत हैं तो इससे कोई अंतर नहीं पड़ता। मेरे विचार में अदालत की भी भूमिका होगी क्योंकि अदालत की इस सब में भूमिका रही है। यह विशिष्ट था जब प्रारंभिक सुधारों को (2016 में) मंजूरी दी गयी। इसके बाद पिछले साल प्रशासकों की समिति (सीओए) द्वारा तैयार और प्रस्तुत किये गये संविधान को मंजूरी दी गई।"         

टी20 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद 4 नंबर पर बल्लेबाजी को लेकर श्रेयस ने कही ये बात

शंकरनारायणन ने कहा, "वे संभवत: इस पर यह तर्क देने की कोशिश कर सकते हैं कि देखो, उच्चतम न्यायालय ने हमें अपने खुद के संविधान में संशोधन करने से नहीं रोका था, इसलिए हम इसमें संशोधन करने और हर तरह के बदलाव करने में सक्षम हैं। यह चीजों को देखने का संकीर्ण तरीका है।"

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.