Friday, Dec 09, 2022
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SEBI tightens noose on fake accounts used in insider trading

SEBI ने Insider Trading में इस्तेमाल होने वाले ‘फर्जी’ खातों पर कसा शिकंजा

  • Updated on 7/11/2022

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। बाजार नियामक सेबी ने नवीनतम प्रौद्योगिकी की मदद से बड़ी संख्या में भेदिया कारोबार के मामलों का खुलासा किया है। ऐसे मामलों में ‘फर्जी’ खातों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शीर्ष सूत्रों ने बताया कि नियामक अब मुख्य दोषियों को पकडऩे की प्रक्रिया में है, जिनमें से कई पूंजी बाजार और कॉरपोरेट जगत के बड़े नाम हो सकते हैं।   

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  हाल के महीनों में भेदिया कारोबार से संबंधित मामलों पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कई आदेश जारी किए हैं। इसके लिए कुछ लोगों ने कोविड-19 महामारी में ‘घर से काम’ के दौरान बाजार मध्यर्वितयों मसलन ब्रोकरों और म्यूचुअल फंड द्वारा निगरानी के मोर्चे पर कथित चूक को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि ज्यादातर आदेश बेहद कम समय में पारित किए गए, और इसका मुख्य कारण सेबी द्वारा निगरानी तंत्र में नवीनतम प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल है। ऐसे में सेबी की निगरानी लगभग 100 गुना अधिक प्रभावी हो गई है।   

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    एक सूत्र ने समझाया, ‘‘हम उच्च प्रौद्योगिकी वाले एल्गोरिदम, कृत्रिम मेधा, बिग डेटा और बहुत कुछ का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा, हम अब सभी डेटा सेट का अधिक कुशलता से और बहुत तेज गति से विश्लेषण कर सकते हैं। हम डेटा विश्लेषण से बहुत स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि भेदिया कारोबार हो रहा है या नहीं, लेकिन अब भी अपराधियों का दोष साबित करने में वक्त लग रहा है।’’   

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  एक अन्य सूत्र ने कहा, ‘‘समस्या यह है कि धोखेबाज भी नई तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। वे सामान्य फोन कॉल और संदेशों का उपयोग नहीं कर रहे हैं, क्योंकि कॉल डेटा के रिकॉर्ड से आसानी से संबंध स्थापित किए जा सकते हैं। वे सभी उन्नत मैसेजिंग मंच का उपयोग कर रहे हैं, जो पूरी तरह से ‘कूट रूप में’ हैं और इसलिए हमें संबंध स्थापित करने के अन्य तरीकों पर विचार करना होगा।’’ सभी सूत्रों और अधिकारियों ने जांच से जुड़ी गोपनीयता का हवाला देते हुए नाम न छापने की शर्त पर ये बातें कहीं।   

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    सूत्र ने कहा, ‘‘फर्जी खातों का उपयोग हमेशा से होता रहा है, और वे अब बहुत होशियार हो गए हैं। लेकिन, जो बदलाव आया है, वह यह कि अब हम उन्हें पकडऩे की बेहतर स्थिति में हैं और इसलिए आप मामलों में वृद्धि देख रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि अब चुनौती दोषियों को इन मामलों से जोडऩे की है और उसके लिए नई तकनीक का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।     

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