रिलायंस ग्रुप की कंपनियों के गिरवी शेयरों की बिक्री पर गौर करेगा SEBI

  • Updated on 2/11/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) अनिल अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस समूह की तीन सूचीबद्ध कंपनियों के गिरवी रखे शेयरों की दो ऋणदाताओं द्धारा बिक्री के मामले में आरोपों-प्रत्यारोपों पर गौर करेगा।  

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रिलायंस समूह ने आरोप लगाया है कि एलएंडटी फाइनेंस और एडलवेस समूह की इकाइयों ने गिरवी रखने शेयरों के मामले में ‘‘गैरकानूनी’’ तरीके तथा ‘‘किसी मंशा’’ से कदम उठाते हुए उनकी बिक्री खुले बाजार के जरिये की जिससे कंपनी के शेयर मूल्य में भारी गिरावट आई। 

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हालांकि, एलएंडटी फाइनेंस और एडलवेस दोनों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि रिलायंस समूह समय पर भुगतान करने में विफल रहा जिसकी वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि नियामक ने एक्सचेंजों से इन शेयरों की बिक्री का ब्योरा पता लगाने तथा संबंधित इकाइयों से स्पष्टीकरण लेने को कहा है। 

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रिलायंस पावर इस मामले में सेबी को पहले ही लिखकर जांच कराने की मांग कर चुकी है। उसका कहना है कि बाजार मूल्य से कम पर शेयर बेचने वाली इकाइयों को इससे रोका जाए और गहराई से इसकी जांच कराई जाए। इसी तरह की शिकायतें रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की ओर भी दायर किए जाने की संभावना है। 

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इस बारे में संपर्क करने रिलायंस समूह के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘समूह की विभिन्न कंपनियों द्वारा तय किया गया है कि वे अपने अंशधारकों के हितों के संरक्षण और उनके लिए मूल्यवर्धन को लेकर सभी जरूरी कानूनी कदम उठाएंगी। इस मामले को उचित नियामकीय मंच पर भी उठाया जाएगा।’’ इससे पहले शनिवार को तीनों सूचीबद्ध कंपनियों...रिलायंस पावर, रिलायंस इन्फ्रा और रिलायंस कैपिटल के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के मूल्य के संरक्षण को सभी उचित कानूनी कदम उठाने की मंजूरी दी थी। 

रिलायंस इंश्योरेंस ने नए सिरे से IPO दस्तावेज हटाए
अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास नए सिरे से आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए दस्तावेज जमा कराए हैं। कंपनी के आईपीओ के लिए नियामक की मंजूरी नवंबर में समाप्त हो गई थी, जिसके बाद कंपनी ने नए सिरे से दस्तावेज जमा कराए हैं। 

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बाजार सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि आईपीओ के तहत 200 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे और रिलायंस कैपिटल 7,94,89,821 शेयरों के लिए बिक्री पेशकश लाएगी। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा कंपनी ने अपने आईपीओ के प्रबंधन की जिम्मेदारी से एडलवेस को हटा दिया है। रिलायंस समूह ने इससे पहले आरोप लगाया था कि एडलवेस समूह की इकाइयों ने गैरकानूनी तथा गलत मंशा से समूह की तीन सूचीबद्ध कंपनियों के गिरवी रखे शेयरों को खुले बाजार के जरिये बेचा। 

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इसके साथ ही कंपनी ने सीएलएसए इंडिया और इंडसइंड बैंक की नियुक्ति की है जिन्होंने यूबीएस इन्वेस्टमेंट कंपनी तथा आईडीबीआई कैपिटल का स्थान लिया है। साथ ही कंपनी ने यस सिक्योरिटीज को भी जोड़ा है। अन्य मर्चेंट बैंकर..मोतीलाल ओसवाल इन्वेंसटमेंट एडवाइजर्स, क्रेडिट सुइस सिक्योरिटीज और हाइतांग सिक्योरिटीज कंपनी के आईपीओ का प्रबंधन करती रहेंगी। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के मामले में सेबी की आईपीओ के लिए एक साल की मंजूरी 29 नवंबर, 2018 को समाप्त हो गई थी।  

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