Thursday, Jun 04, 2020

Live Updates: Unlock- Day 4

Last Updated: Thu Jun 04 2020 10:35 PM

corona virus

Total Cases

225,057

Recovered

107,991

Deaths

6,318

  • INDIA7,843,243
  • MAHARASTRA77,793
  • TAMIL NADU25,872
  • NEW DELHI23,645
  • GUJARAT18,609
  • RAJASTHAN9,720
  • UTTAR PRADESH9,237
  • MADHYA PRADESH8,762
  • WEST BENGAL6,508
  • BIHAR4,326
  • KARNATAKA4,063
  • ANDHRA PRADESH3,791
  • TELANGANA3,020
  • HARYANA2,954
  • JAMMU & KASHMIR2,857
  • ODISHA2,388
  • PUNJAB2,376
  • ASSAM1,831
  • KERALA1,495
  • UTTARAKHAND1,087
  • JHARKHAND764
  • CHHATTISGARH626
  • TRIPURA573
  • HIMACHAL PRADESH359
  • CHANDIGARH301
  • GOA126
  • MANIPUR108
  • PUDUCHERRY88
  • NAGALAND58
  • ARUNACHAL PRADESH37
  • ANDAMAN AND NICOBAR ISLANDS33
  • MEGHALAYA33
  • MIZORAM17
  • DADRA AND NAGAR HAVELI11
  • DAMAN AND DIU2
  • SIKKIM2
Central Helpline Number for CoronaVirus:+91-11-23978046 | Helpline Email Id: ncov2019 @gov.in, ncov219 @gmail.com
secret-scientific-lab-is-about-to-make-under-the-nilgiri-mountain-prsgnt

भारत में नीलगिरी की पहाड़ियों के बीच बनाई जा रही है एक खुफिया सुरंग, जानिए क्यों?

  • Updated on 5/16/2020

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। एक तरफ जहां पूरा देश कोरोना संकट से जूझ रहा है तो वहीँ भारत के एक राज्य में रहस्यमयी सुरंग बनाई जा रही है। यह सुरंग नीलगिरी की पहाड़ियों को खोदकर तैयार की जा रही है। डेढ़ किलोमीटर लंबी इस सुरंग में क्या होगा ये वहां के लोगों के लिए बड़ा सवाल है।

इन लोगों को डर है कि कहीं ये सुरंग उनके लिए जानलेवा न बन जाएं। इसके लिए उन्होंने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। इतना है नहीं वहां के लोग सरकार से भी इस बारे में शिकायत कर चुके हैं।

सूडान में महिलाओं का खतना करने के खिलाफ बना कानून, अब होगी तीन साल की सजा

स्विट्जरलैंड की तर्ज पर बनेगी
बताया जा रहा है कि यह सुरंग वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए तैयार की जा रही है। ये सुरंग तमिलनाडु के थेनी जिले में है। ये ठीक उसी तरह की सुरंग हो सकती है जैसी स्विट्जरलैंड की साइंटिफिक सुरंग है। उस सुरंग में साइंटिस्ट गॉड ऑफ पार्टिकल पर खोज की जा रही हैं। भारत में बनने वाली सुरंग में दुनिया की सबसे बड़ी और शक्तिशाली चुंबक लगाई जाएगी। इस चुंबक का वजन 12.500 टन है।

किलर पार्टिकल
इस सुरंग के बनने से इलाके के लोग दहशत में हैं उन्हें लगता है कि सब बर्बाद होने वाला है। क्योंकि यह साइंस से जुड़ा है तो जाहिर हैं उन्हें किसी खतरे का अंदेशा है। यही कारण है कि यहां के पर्यावरणवादी और इलाके के लोग इसे किलर पार्टिकल कहते हैं। ये इस प्रोजेक्ट के नाम न्यूट्रीनो पार्टिकल की तर्ज पर रखा गया नाम हैं।

अगले 50 साल में भीषण गर्मी झेलेंगे इंसान, भारत और पाकिस्तान पर मंडराएगा विनाश का खतरा

क्या है न्यूट्रीनो
बताया जाता है कि न्यूट्रीनो उन मूल कणों में से एक है जिसके द्वारा ब्रह्माण्ड की रचना हुई है। ये पूरी दुनिया में विचरण करते रहते हैं। ये बेहद सूक्ष्म होते हैं इन्हें आंखों से नहीं देखा जा सकता। इन्हें तभी देखा जा सकता है जब कोई नाभिकीय प्रतिक्रिया हो। ये न्यूट्रीनो सूरज, तारों और ब्रह्मांड की सक्रिय सौर गंगाओं से निकल कर धरती पर पहुंचते रहते हैं।

सेना के लिए तैयार होगी मकड़ी के जाले से बुनी बुलेटप्रूफ जैकेट, हैरान कर देगी इस जैकेट की खासियत

बनेंगे सैन्य हथियार
इस इलाके के भविष्य को लेकर केरल औऱ तमिलनाडु के पर्यावरणवादियों ने आरोप लगाये हैं कि यहां जो न्यूट्रीनो तलाश किए जाने हैं उनमें विदेशों से मदद ली जाएगी। साथ ही हो सकता है न्यूट्रीनो का ज्यादा उपयोग हथियार बनाने के लिए भी किया जाए। इसलिए लोग नहीं चाहते कि इस इलाके में ऐसा कुछ भी शुरू किया जाए जिससे लोगों को भविष्य में समस्या हो।

खिसक रही है धरती, बड़े हो रहें हैं पहाड़, धरती के केंद्र में हो रही है ये कैसी हलचल, पढ़ें रिपोर्ट

तबाही के हथियार
ज्ञात हो तो न्यूट्रीनो बीम का प्रयोग नाभिकीय हथियार बनाने में किया जा सकता है। ये इतने शक्तिशाली होते हैं कि इनके इस्तेमाल से कुछ भी मिनटों में तबाह हो सकता है। इससे ऐसे हथियार तैयार किए जा सकते हैं जिनको रोका नहीं जा सकता और उनके वार का कोई बचाव भी नहीं है।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.