Monday, Jun 27, 2022
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इलाज के नाम पर जान से खेेल रहे झोलाछाप डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग नहीं गंभीर

  • Updated on 5/3/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। स्वास्थ्य विभाग का झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर गंभीर नहीं होना कहा जाए या कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया जाना। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो बीते 2 साल में केवल 35 झोलाछाप डॉक्टरों पर ही कार्रवाई हो सकी है। जबकि गाजियाबाद में झोलाछाप डॉक्टरों की वास्तविक संख्या कई गुना अधिक है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में इन झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें खूब चल रही हैं और इलाज के नाम पर लोगों की जान से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आ रहे हंै। यदि विभाग की सुस्ती ऐसे ही बरकरार रही तो मोदीनगर जैसे हादसे आगे भी हो सकते हैं।

बुजुर्ग की मौत के बाद भी नहीं कोई योजना 
मोदीनगर में झोलाछाप डॉक्टर से उपचार के दौरान बुजुर्ग की मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। विभाग की ओर से झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ  किसी तरह का अभियान चलाने की कोई योजना नहीं बनाई गई है। हालंाकि स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई कर आरोपी डॉक्टर का क्लीनिक सील कर दिया। लेकिन उसके जैसे कई डॉक्टरों के खिलाफ  कार्रवाई को लेकर विभाग गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। 

प्रतिमाह मिलती हैं 40 से अधिक शिकायतें   
इन झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर सीएमओ कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री के पोर्टल पर हर माह 40 से अधिक शिकायतें पहुंचती हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर विभाग की तरफ से महज नोटिस जारी किया जाता है। लेकिन कई दिन बाद भी कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती है। वहीं, विभाग की ओर से कहा जाता है कि कई डॉक्टरों को संरक्षण मिला हुआ है, जिससे कार्रवाई नहीं करने को लेकर उन पर दबाव तक बनाया जाता है। 

बीते 2 साल में 35 डॉक्टर पर एफआईआर  
नोडल अधिकारी के अनुसार वर्ष 2020 में 19 व 2021 में 16 और 2022 में अब तक 13 झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई हो सकी है। बीते 2 साल में 35 डॉक्टर पर एफआईआर हुई है। जबकि इनकी संख्या इससे अधिक है। जिसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर में विजय नगर, कैला भट्टा, साहिबाबाद, लोनी और मसूरी क्षेत्र से प्रतिमाह सीएमओ कार्यालय में झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायतें पहुंचती हैं। 

झोलाछाप डॉक्टरों पर की जा रही कार्रवाई 
झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई को लेकर नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी डॉ. जीपी मथुरिया का कहना है कि उन्हें कुछ माह पूर्व ही नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। अभी तक के कार्यकाल में 2022 में अब तक 13 झोलाछाप डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। शिकायत मिलने के अलावा विभाग द्वारा समय-समय पर झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाती है। 

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