Wednesday, Sep 18, 2019
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मतदान बाद सर्वेक्षणों में राजग की जीत के अनुमानों से सेंसेक्स 1,422 अंक उछला

  • Updated on 5/20/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। लोकसभा चुनावों के लिये मतदान संपन्न होने के बाद जारी सर्वेक्षणों में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सत्ता में लौटने की भविष्यवाणी का शेयर बाजारों में जोरदार स्वागत हुआ है। निवेशकों की लिवाली से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सोमवार को 1,422 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 421 अंक की जबर्दस्त तेजी के साथ बंद हुआ। 

बंबई शेयर बाजार का 30-शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 1,421.90 अंक यानी 3.75 प्रतिशत उछलकर 39,352.67 अंक पर पहुंच गया। दिन में कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 39,412.56 अंक और नीचे में 38,570.04 अंक तक गया। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 421.10 अंक यानी 3.69 प्रतिशत चढ़कर 11,828.25 अंक पर पहुंच गया। 

आम चुनाव के लिये रविवार को मतदान संपन्न होने के बाद जारी ‘एक्जिट पोल’ सर्वेक्षणों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार को जनता द्वारा एक और मौका दिये जाने का अनुमान व्यक्त किया गया है। इन सर्वेक्षणों में राजग को 300 से अधिक सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई है। यह संख्या लोकसभा में 272 के सामान्य बहुत से कहीं अधिक है। 

मतों की गिनती 23 मई को होगी। निवेशकों को उम्मीद है कि राजग के सत्ता में बने रहने से आॢथक सुधारों की गति बनी रहेगी और पहले कार्यकाल में जिन कार्यों को शुरू किया गया उन्हें और तेजी से आगे बढ़ाया जायेगा। सेंसेक्स की तेजी में योगदान करने वाले शेयरों में स्टेट बैंक, इंडसइंड बैंक, टाटा मोटर्स, लार्सन एण्ड टुब्रो, यस बैंक, एचडीएफसी, महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा, मारुति सुजूकी, ओएनजीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक में 8.64 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत बजाज आटो और इन्फोसिस में नुकसान रहा। 

एमके वेल्थ मैनेजमेंट के शोध प्रमुख जोसफ थॉमस ने कहा, ‘एक्जिट पोल में मौजूदा सरकार के फिर से सत्ता में लौटने की संभावना व्यक्त किये जाने के बाद घरेलू शेयर बाजार में सभी कारोबारी क्षेत्रों में अप्रत्याशित तेजी का रुख देखा गया।’’     उन्होंने कहा कि तेजी के इस रुख को बरकरार रखने के लिये नई सरकार से निर्णायक नीतिगत पहल की उम्मीद की जाती है। भूमि और श्रम सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने की जरूरत है। 

इसके साथ ही बैंक प्रणाली में मजबूती लाने और उसके पुनर्गठन का जो अधूरा काम रह गया है उसे जल्द से जल्द पूरा करना होगा। इस बीच बाजार में भारी तेजी को देखते हुये पूंजी बाजार नियामक सेबी ने बाजार में अपने निगरानी तंत्र को अधिक चाक- चौबंद कर दिया है ताकि बाजार में किसी भी तरह की साठगांठ वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।    

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