Tuesday, Jun 22, 2021
-->
seroma-institute-s-corona-vaccine-to-be-in-the-world-who-approved-emergency-use-prshnt

सीरम इंस्टिट्यूट की कोरोना वैक्सीन को WHO ने दी आपात इस्तेमाल की मंजूरी

  • Updated on 2/16/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दुनिया भर के कई देशों में कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ वैक्सीनेशन (Vaccination) प्रकिया जारी है, वहीं कोरोना मामलों में कमी जरूर आई है लेकिन अभी भी इसका प्रकोप जारी है। भारत में 16 जनवरी से जारी वैक्सीनेशन प्रक्रिया जोरो पर है वहीं सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा बनाई गई ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी आपातकाल इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अब इस वैक्सीन का इस्तेमाल दुनिया के गरीब देशों में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण के लिए किया जाएगा।

सेलिब्रिटी ट्वीट मामले पर महाराष्ट्र के गृहमंत्री का दावा, BJP आईटी सेल प्रमुख का नाम आया सामने

दुनिया के कई देशों में इस वैक्सीन की पहुंच
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को कोरोना के दो वैक्सीन को आपात इस्तेमाल की अनुमति दी है इन दोनों वैक्सीन को ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका ने बनाया हैं। एक वैक्सीन को भारत की सीरम इंस्टीट्यूट बनाती है, जबकि दूसरी वैक्सीन को दक्षिण कोरिया की एसके बायो नाम की कंपनी बनाती है। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ‎टेड्रोस एडहानॉम ने कहा कि इस मजूरी के साथ ही अब कोवैक्स प्रोग्राम के तहत दुनिया के कई देशों में इस वैक्सीन को दिए जाने का रास्ता खुल गया है।

सरकार की बढ़ी चिंता, बहुत कम लोग ले रहे हैं कोरोना का दूसरा डोज

दो वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत
बता दें कि कोवैक्स प्रोग्राम के जरिए दुनिया के निर्धन देशों को डब्ल्यूएचओ के द्वारा कोरोना की वैक्सीन पहुंचाई जा रही है। सोमवार को इश सिलसिले में ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की दो वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी गई। इनमें से एक वैक्सीन भारत में सीरम इंस्टीट्यूट बनाती है,वहीं दूसरी वैक्सीन दक्षिण कोरिया की कंपनी बनाती है। 
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा है कि हालांकि भारत और दक्षिण कोरिया की दोनों कंपनी एक ही वैक्सीन का उत्पादन कर रही है लेकिन अलग उत्पादन प्लांट होने की वजह से इनकी अलग समीक्षा की गई और उन्हें अलग मंजूरी भी दी गई है।

भारत ने महामारी पर न सिर्फ अपने देश में काबू पाने में सफलता हासिल की है बल्कि दुनिया को इससे उबारने में एक अहम भूमिका निभा रहा है। भारत अब तक मदद और कमर्शियल रूप से वैक्‍सीन की करीब 2.30 करोड़ खुराक दुनिया के 20 देशों को मुहैया करवा चुका है।

India China Border: भारत की कूटनीति का दिखा असर, फिंगर फोर क्षेत्र से पीछे हट रही चीन की सेना

64.7 लाख वैक्सीन दुनिया के दूसरे देशों को
भारत की बनाई वैक्‍सीन को दूसरे देशों को भेजा रहा है वहीं दूसरी ओर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के कोवैक्‍स योजना में सार्थक रूप से सहयोग दे रहा है। आने वाले समय में भारत अफ्रीका और लेटिन अमेरिकी देशों को और वैक्‍सीन की खुराक उपलब्‍ध करवाएगा। इसको दुनिया भारत की वैक्‍सीन डिप्‍लोमेसी के नाम से जान रही है। भारत की वैक्‍सीन डिप्‍लोमेसी की बात करें तो इसमें पाकिस्‍तान को छोड़कर भारत के सभी पड़ोसी देश शामिल हैं। 

दरअसल भारत ने 21 जनवरी को वैक्‍सीन मैत्री के तहत कोरोना महामारी की वैक्‍सीन अन्‍य देशों में पहुंचाने की पहल की थी। भारत सरकार ने अभी तक लगभग 64.7 लाख कोरोना की वैक्सीन सद्भावना के तौर पर दुनिया के दूसरे देशों को दी है।

यहां पढ़ें अन्य बड़ी खबरें...

 

comments

.
.
.
.
.