Tuesday, Dec 06, 2022
-->
serum-dismisses-allegations-of-man-involved-in-trial-of-covishield-vaccine-sohsnt

कोविशील्ड के साइड इफेक्ट का दावा करने वाले शख्स पर सीरम ने किया 100 करोड़ का मानहानि केस

  • Updated on 11/30/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की वैक्सीन (Vaccine) के ट्रायल में जुटे हुए हैं। ऐसे में पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट (Serum Institute) के वैक्सीन ट्रायल में शामिल एक व्यक्ति ने कंपनी पर बड़ा आरोप लगाते हुए 5 करोड़ का केस कर दिया है। इंस्टीट्यूट की वैक्सीन कोविशील्ड (Covishield) के परिक्षण में भाग लेने वाले व्यक्ति का आरोप है कि परीक्षण के कारण उसे गंभीर साइड इफेक्ट का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद अब सीरम कंपनी की ओर से उस व्यक्ति के खिलाफ सौ करोड़ का मानहानि केस किया गया है।

राजस्थान में कोरोना का कहर: इन जिलों में रात्रि कर्फ्यू, 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे स्‍कूल-कॉलेज

सीरम कंपनी पर 5 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति की मांग
दरअसल, कोविडशील्ड के ट्रायल में शामिल शख्स का आरोप है कि उसे वैक्सीन ट्रायल के बाद गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या समेत कई अन्य बिमारियों के दुष्प्रभावों से होकर गुरजना पड़ा है। इन आरोपों के साथ व्यक्ति ने सीरम कंपनी पर 5 करोड़ रुपए की क्षतिपूर्ति की मांग की है। इसके अलावा शख्स ने मांग की है कि सीरम की वैक्सीन पर रोक लगा दी जाए।  

Corona वैक्सीन को लेकर पीएम ने किया अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे का दौरा, की समीक्षा

सीरम ने शख्स पर किया 100 करोड़ रु की मानहानि का केस
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक बयान जारी कर कहा, 'नोटिस में लगाये गये आरोप दुर्भावनापूर्ण और गलत हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया उक्त व्यक्ति की चिकित्सा स्थिति के प्रति सहानुभूति रखता है, लेकिन टीके के परीक्षण का उसकी स्थिति के साथ कोई संबंध नहीं है।' इसके साथ ही कंपनी कंपनी की छवि खराब करने और गलत आरोप लगाने के मामले में सीरम ने शख्स पर 100 करोड़ रुपए की मानहानि का केस किया है। 

सामने आया कोरोना का नया लक्षण! दांतों में हो रही ऐसी दिक्कत तो हो जाएं सतर्क

पीएम आज टीका विकसित कर रही टीमों से करेंगे बात
वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 का टीका विकसित करने में शामिल तीन टीमों से सोमवार यानी आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बीते रविवार को एक ट्वीट कर कहा कि तीन टीमें जेनोवा बायोफार्मा, बायोलॉजिकल ई और डॉ रेड्डीज से हैं। पीएमओ ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 का टीका विकसित करने में शामिल तीन टीमों से कल, 30 नवंबर 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत करेंगे। जिन टीमों से वह बात करेंगे उनमें जेनोवा बायोफार्मा, बायोलॉजिकल ई और डॉ रेड्डीज शामिल हैं।'

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- कोरोना ने मृतकों के अंगदान कार्यक्रम पर बुरा असर डाला है

पीएम ने की थी विकास और विनिर्माण प्रक्रिया की समीक्षा
पीएम मोदी ने शनिवार को अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे की यात्रा की थी। उन्होंने इन शहरों में कोरोना वायरस टीके के विकास और विनिर्माण प्रक्रिया की समीक्षा की थी। उन्होंने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पहंच कोरोना वायरस के लिए तैयार हो रहे टीके की प्रगति की समीक्षा की साथ ही इसके तैयार होने में लगने वाले समय उत्पादन औ वितरण व्यवस्था को लेकर बातचीत की। बता दें कि वैक्सीन तैयार करने के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैश्विक दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ भागीदारी की है।

यहां पढ़े कोरोना से जुड़ी बड़ी खबरें...

comments

.
.
.
.
.