Friday, Feb 26, 2021
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सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदार पूनावाला ने भी लगवाई वैक्सीन, PM मोदी को दी बधाई

  • Updated on 1/16/2021

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ भारत में 16 जनवरी यानी आज से वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो चुका है। इसी क्रम में सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पुनावाला (Adar Poonawalla) ने भी वैक्सीन ली। उन्होंने समस्त भारत और पीएम मोदी को दुनिया के सबसे बड़े कोरोना वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने की शुभकामनाएं दीं। अदार पूनावाल ने कहा, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि कोविशील्ड इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा है और इसकी सुरक्षा प्रभावकारिता का समर्थन करने के लिए, मैंने स्वयं भी टीका लिया है।

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पीएम ने किया कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए देशभर में कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ कर दिया है। इससे पहले पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, आज के दिन का पूरे देश को बेसब्री से इंतजार रहा है, कितने महीनों से देश के हर घर में बच्चे, बूढ़े, जवान सबकी जुबान पर ये ही सवाल था कि कोरोना की वैक्सीन कब आएगी।'

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कोरोना वैक्सीन की 2 डोज लगनी बहुत जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आमतौर पर एक वैक्सीन बनाने में बरसों लग जाते हैं लेकिन इतने कम समय में एक नहीं दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई हैं। कई और वैक्सीन पर भी तेज गति से काम चल रहा है, ये भारत के सामर्थ्य, वैज्ञानिक दक्षता और टैलेंट का जीता-जागता सबूत है। उन्होंने कहा, 'कोरोना वैक्सीन की 2 डोज लगनी बहुत जरूरी है। पहली और दूसरी डोज के बीच लगभग एक महीने का अंतराल भी रखा जाएगा। दूसरी डोज लगने के 2 हफ्ते बाद ही आपके शरीर में कोरोना के विरुद्ध जरूरी शक्ति विकसित हो पाएगी। भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।

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मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित भारत का टीकाकरण
उन्होंने कहा, 'भारत का टीकाकरण अभियान बहुत ही मानवीय और महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर आधारित है। जिसे सबसे ज्यादा जरूरी है, उसे सबसे पहले कोरोना का टीका लगेगा। उन्होंने कहा, 'इतिहास में इस प्रकार का और इतने बड़े स्तर का टीकाकरण अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया है। दुनिया के 100 से भी ज्यादा ऐसे देश हैं जिनकी जनसंख्या 3 करोड़ से कम है और भारत वैक्सीनेशन के अपने पहले चरण में ही 3 करोड़ लोगों का टीकाकरण कर रहा है।'

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विदेशी वैक्सीन की तुलना में बहुत सस्ती हैं वैक्सीन
वैक्सीन की कीमत का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, 'भारतीय वैक्सीन विदेशी वैक्सीन की तुलना में बहुत सस्ती हैं और इनका उपयोग भी उतना ही आसान है। विदेश में तो कुछ वैक्सीन ऐसी हैं जिसकी एक डोज 5,000 हजार रुपये तक में हैं और जिसे -70 डिग्री तापमान में फ्रीज में रखना होता है। हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जब दोनों मेड इन इंडिया वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी उन्होंने इसके इमरजेंसी उपयोग की अनुमति दी। इसलिए देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपेगेंडा, अफवाहें और दुष्प्रचार से बचकर रहना है।

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भारत के वैक्सीन वैज्ञानिक, हमारे मेडिकल सिस्टम, भारत की प्रक्रिया की पूरे विश्व में बहुत विश्वसनीयता है। हमने ये विश्वास अपने ट्रैक रिकॉर्ड से हासिल किया है। ऐसे समय में जब कुछ देशों ने अपने नागरिकों को चीन में बढ़ते कोरोना के बीच छोड़ दिया था, तब भारत चीन में फंसे हर भारतीय को वापस लेकर आया और सिर्फ भारत के ही नहीं, हम कई दूसरे देशों के नागरिकों को भी वहां से वापस निकालकर लाए। 

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