Friday, Sep 30, 2022
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शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों को हटाने पर BJP नेता की मांग, जल्द करे सुनवाई

  • Updated on 2/4/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां से हटाने की अपनी याचिका पर दिल्ली भाजपा (Delhi BJP) के एक नेता ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया। कोर्ट ने मंगलवार को उनसे इस मामले में संबद्ध अधिकारी से संपर्क करने को कहा।

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प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने की जल्द सुनवाई की मांग
भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग (Nand Kishore Garg) ने अदालत से दिल्ली (Delhi) और नोएडा (Noida) को जोड़ने वाले अहम मार्ग पर नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ करीब दो महीने से चल रहे प्रदर्शन के कारण निवासियों को आ रही समस्या पर गौर करते हुए अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही प्रदर्शन के कारण दिल्ली के विभिन्न मुख्य मार्गों पर भी यातायात की समस्या आ रही है।

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चीफ जस्टिस ने कही ये बात
कालिंदी कुंज-शाहीन बाग मार्ग और ओखला अंडरपास पर 15 दिसंबर से यातायात बाधित है जहां सैकड़ों महिलाएं संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन पर बैठ गईं थीं। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे (SA Bobde) की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, 'आप याचिका का उल्लेख करने वाले अधिकारी के पास जाएं।' याचिका में आरोप लगाया गया कि कानून प्रवर्तन तंत्र को 'प्रदर्शनकारियों की सनक ने बंधक बनाया हुआ है।'

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दिशानिर्देश की मांग
इसमें ऐसे प्रदर्शनों के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है जिनसे सार्वजनिक स्थानों पर बाधा उत्पन्न होती है। याचिका में कहा गया, 'यह निराशाजनक है कि राज्य का सरकारी तंत्र प्रदर्शनकारियों की गुंडागर्दी एवं उपद्रव पर मूकदर्शक बना हुआ है जो लोकतंत्र के अस्तित्व और विधि के शासन को चुनौती दे रहे हैं तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति को पहले ही अपने हाथों में ले चुके हैं।'

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दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या
इसमें कहा गया कि शाहीन बाग प्रदर्शन, 'बेशक संवैधानिक मापदंड के दायरे में हो' लेकिन इसने अपनी वैधता खो दी है क्योंकि संवैधानिक संरक्षणों का स्पष्ट तौर पर उल्लंघन हुआ है।' राज्य का कर्तव्य अपने नागरिकों के मौलिक अधिकारों के संरक्षण का भी है जिन्हें सड़क अवरुद्ध होने के कारण समस्या आ रही है। याचिका में कहा गया, 'इसलिए, इस बात की तत्काल आवश्यकता है कि शहर के बीचों-बीच संवैधानिक संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन करने जैसे छिपे हुए एवं दुर्भावनापूर्ण मकसदों के लिए सार्वजनिक स्थानों के दुरुपयोग की इजाजत न दी जाए।'

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इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में भी जा चुका है मामला
इसमें कहा गया कि एक अन्य याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में इसी तरह की याचिका दायर की थी जिसने 14 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों को स्थिति से निपटने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की और शाहीन बाग की स्थिति पर उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या दिल्ली उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से नजर रखने को कहने का अनुरोध किया है। 

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