Thursday, Apr 09, 2020
shaheen-bagh-sanjay-hegde-talk-to-protestor

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वकील खुलवाएंगे शाहीन बाग का रास्ता, उठाया ये कदम

  • Updated on 2/18/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े (Sanjay Hegde), वकील साधना रामचंद्रन और वजाहत हबीबुल्लाह को प्रदर्शनकारियों से बात करने और उन्हें ऐसे वैकल्पिक स्थल पर जाने के लिए राजी करने को आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश की तामील करते हुए आज हेगड़े ने दिल्ली में बैठक कर बुधवार को शाहीन बाग जाने का फैसला लिया है।

केजरीवाल सरकार का सबसे अमीर मंत्री कौन? जानें, क्या कहती है ADR की रिपोर्ट

विरोध करने का सबको अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को लेकर कहा था कि दिल्ली के शाहीनबाग (Shaheen Bagh) में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोग सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध कर दूसरों के लिए असुविधा पैदा नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने शाहीनबाग से इन प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए दायर याचिकाओं पर संक्षिप्त सुनवाई के बाद केन्द्र, दिल्ली सरकार और पुलिस को नोटस जारी किए। पीठ ने कहा, ‘एक कानून है और इसके खिलाफ लोग हैं। मामला न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद कुछ लोग विरोध कर रहे हैं। वे विरोध करने के हकदार हैं।’

बिहार में प्रशासनिक फेरबदल, 22 IAS अधिकारियों का हुआ तबादला

यहां से हटने के लिए कहा जाएगा तो मान लेंगे
वहीं एक वर्ग का कहना है कि मध्यस्थता के लिए जो टीम आएगी, उसकी बात मानते हुए वह जो भी फैसला लेंगे हमें मंजूर है। अगर वह कहते हैं कि यहां से हटकर कहीं और प्रदर्शन करें तो हम लोग उनकी बातें जरूर मानेंगे। हालांकि कोर्ट के फैसले से यह उम्मीद जागी है कि अब जल्दी ही शाहीन बाग के बंद रास्ते को खोला जा सकता है।

प्रियंका गांधी वाड्रा के राज्यसभा जाने को लेकर कांग्रेस ने साधी चुप्पी

65 दिनों के धरने के बाद ये फैसला खुशी की बाद
सोमवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान न्यायालय (Court) ने प्रदर्शनकारी व प्रशासन के बीच बात करने के लिए तीन अधिवक्ताओं को नियुक्त किया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 65 दिनों से सड़क पर बैठे हैं देश की सबसे बड़ी अदालत ने बातचीत के लिए वार्ताकार नियुक्त कर दिया है। यह हमारे लिए खुशी की बात है। वे हमसे बात करने के लिए आते हैं, तो हम लोग उनसे बात जरूर करेंगे और उनके सामने अपनी बात रखेंगे।

यूपी में होगी केजरीवाल के विकास मॉडल की चर्चा, 12 विधायकों का होगा अभिनंदन

सरकार ने बात नहीं सुनी तो शीर्ष न्यायालय से मिली है सौगात
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हम चाहते थे कि सरकार आकर हमसे बात करे, लेकिन सरकार की तरफ से कोई नहीं आया, तो यह शीर्ष न्यायालय की तरफ से हमें सौगात मिली है, कि कोई हमसे बात करने आएगा और हमारी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाएगा। हम लोग वार्ताकार के जरिए अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

खुशखबरी! DU एनसीवेब की छात्राओं के लिए जॉब फेयर आज

एक वर्ग कानून वापस लेने तक धरने की बात पर अड़ा, दूसरा वर्ग जगह बदलने पर राजी
सुबह से ही प्रदर्शन स्थल पर लोगों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर खुशी थी उनका मानना था कि आज कोर्ट का कोई न कोई फैसला जरूर आएगा। लोगों में सुबह से भी फैसले को लेकर हलचल मची हुई थी। दोपहर के बाद कोर्ट का जो ऑर्डर आया तो लोग एक दूसरे को मोबाइल पर उसे पढ़ाते दिखे। उसके बाद सभी महिलाओं को मंच से अवगत कराया गया कि कोर्ट का ऑडर क्या आया है।

 

comments

.
.
.
.
.