Saturday, Jul 24, 2021
-->
sharad pawar proved himself real chanakya in politics of maharashtra deat bjp

शरद पवार ने महाराष्ट्र की सियासत में खुद को साबित किया असली 'चाणक्य'

  • Updated on 11/27/2019

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने गत 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र के सतारा में बारिश के बीच चुनावी रैली को संबोधित किया था लेकिन तब कुछ ही लोगों को अहसास होगा कि 79 वर्षीय पवार राज्य की नई सरकार के मुख्य कर्ता-धर्ता होंगे।

महाराष्ट्र पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला #BJP के चेहरे पर जोरदार तमाचा : कांग्रेस

शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस महाराष्ट्र में सरकार बनाने जा रही हैं और भाजपा विरोधी इस गठबंधन को मूर्त देने तथा भाजपा को सत्ता से बेदखल करने में पवार की अहम भूमिका रही।

विधानसभा चुनाव में अपनी मेहनत के बल पर पवार अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही राकांपा को मजबूत स्थिति में ले आए लेकिन उनकी कोशिशों को उस समय झटका लगा जब भतीजे ने उन्हें स्तब्ध करते हुए भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ली।

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र सियासत, संविधान दिवस के बहाने #BJP पर कसा तंज

भाजपा की यह सरकार अजित पवार के निजी कारणों से उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और उसके कुछ घंटे बाद ही देवेंद्र फडणवीस के भी मुख्यमंत्री पद छोडऩे के ऐलान करने से पहले महज 80 घंटे ही अस्तित्व में रही और गैर भाजपा गठबंधन की सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। 

महाराष्ट्र चुनाव से पहले राकांपा को कई झटके लगे थे लेकिन शरद पवार ने चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी ली और पूरे राज्य का दौरा किया। उनकी कोशिशें रंग लाईं और पार्टी 288 सदस्यीय सदन में 54 सीटें जीतकर आई, जो 2014 के मुकाबले 13 सीटें अधिक है।

महाराष्ट्र में #BJP की किरकिरी के बाद कांग्रेस ने राज्यपाल, राष्ट्रपति पर साधा निशाना

निर्भीक शरद पवार राज्य में सरकार बनाने और भाजपा को सत्ता से दूर रखने में सभी को जोडऩे वाली ताकत के रूप में उभरे। उनका 52 साल का राजनीतिक करियर है जिसमें वह रक्षा मंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और तीन बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 

शरद पवार सात-सात बार महाराष्ट्र विधानसभा और लोकसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं। वह 27 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने और 38 साल की उम्र में कांग्रेस की सरकार गिरा दी। 

प्रशांत भूषण ने महाराष्ट्र प्रकरण पर फड़णवीस, अमित शाह पर किया कटाक्ष

राकांपा अध्यक्ष को 1978 में उस समय ख्याति मिली जब उन्होंने वंसंतदादा पाटिल की सरकार गिराकर जनता पार्टी के साथ सरकार बना ली। उस समय उनकी उम्र मात्र 38 साल थी और वह महाराष्ट्र के सबसे युवा मुख्यमंत्री थे। 

शरद पवार जून 1988 से जून 1991 और मार्च 1993 से मार्च 1995 तक मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने जून 1991 और मार्च 1993 तक देश के रक्षामंत्री की जिम्मेदारी निभाई। 

महाराष्ट्र : राज्यपाल ने #BJP के कोलाम्बकर को बनाया प्रोटेम स्पीकर

वर्ष 1999 में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के विदेशी मूल का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने अपने रास्ते अलग किए और राकांपा की स्थापना की। 1999 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और राकांपा राज्य सरकार बनाने के लिए साथ आए। 

शरद पवार मनमोहन सिंह की सरकार में देश के कृषि मंत्री बने और लगातार दस साल तक इस पद पर रहे। वह उन चुनिंदा नेताओं में है जिन्हें विचारधारा से इतर सभी पार्टियों में सम्मान मिलता है। 

महाराष्ट्र में फड़णवीस के फिर हथियार डालने के बाद शाह से मिले पीएम मोदी

राकांपा अध्यक्ष पर अकसर विरोधी परिवारवाद बढ़ाने का आरोप लगते हैं। उनकी बेटी सुप्रिया सुले तीन बार से बारामती से सांसद हैं। उनके पोते रोहित पवार करजत जामखेड सीट से विधायक चुने गए हैं। राजनीति के अलावा शरद पवार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद सहित क्रिकेट निकायों से भी जुड़े रहे हैं। 

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.