Monday, Sep 26, 2022
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शरद पवार ने पीएम मोदी से कहा- राज्यपाल ने किया अंसयमित भाषा का इस्तेमाल

  • Updated on 10/13/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में शिकायत की कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य के धार्मिक स्थलों को खोलने के सिलसिले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में ‘असंयमित भाषा’ का इस्तेमाल किया। मोदी को लिखे पत्र को जारी करने के बाद पवार ने ट्वीट किया, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि माननीय राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को ऐसा पत्र लिखा है जैसे किसी राजनीतिक पार्टी के नेता को लिखा गया हो।’’ 

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उन्होंने कहा,‘‘ हमारे संविधान के प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्ष शब्द को जोड़ा गया ताकि सभी धर्मों के प्रति समानता और संरक्षण प्रदान किया जाए और इसलिए मुख्यमंत्री की कुर्सी को संविधान के इस भाव को कायम रखना चाहिए।’’ पवार ने कहा कि उन्होंने कोश्यारी के पत्र को लेकर अपने रुख से मोदी को अवगत करा दिया है। पवार ने कहा ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि वह उस भाषा पर ध्यान देंगे जो पत्र में इस्तेमाल की गई है। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसी भाषा का उपयोग करना शोभा नहीं देता।’’

राज्यपाल के पत्र पर संजय राउत का पलटवार
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सिर्फ यह देखना चाहिए कि महाराष्ट्र में संविधान के अनुसार शासन चल रहा है या नहीं तथा बाकी चीजों की देखभाल के लिए लोगों द्वारा एक निर्वाचित सरकार है। राज्य में उपासना स्थलों को खोलने को लेकर कोश्यारी द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखने और उस पर ठाकरे के जवाब के आलोक में राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि शिवेसना का ङ्क्षहदुत्व ²ढ है और मजबूत बुनियाद पर टिका है तथा उसे इस पर किसी से पाठ की जरूरत नहीं है। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान, कि अब भी कोविड-19 का खतरा बना हुआ है, का हवाला देते हुए राउत ने कहा कि स्वास्थ्य ङ्क्षचता के मद्देनजर लोगों की सुरक्षा का ख्याल रखना ठाकरे की जिम्मेदारी है और राज्यपाल को तो यह काम अच्छी तरह करने के लिए ठाकरे की प्रशंसा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कोश्यारी ने कहा कि उन्हें प्रतिनिधिमंडलों से तीन प्रतिवेदन मिले हैं जिनमें धर्मस्थलों को खोले जाने की मांग की गयी है। 

उन्होंने पत्र मे लिखा है, ‘‘क्या आप अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गये?’’ राउत ने कहा, ‘‘ कोश्यारी राज्य के संवैधानिक प्रमुख हैं। उन्हें यह देखना है कि राज्य में शासन संविधान के अनुसार चल रहा है या नहीं। बाकी बातों के लिए लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार है। वह निर्णय लेती है।’’ लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की कार्रवाई की खबरों का जिक्र करते उन्होंने कहा कि यह राज्यों के मुख्यमंत्रियों का नहीं बल्कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री , रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख को बताना है कि सेना को ऐसे मामलों में क्या करना चाहिए। 

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शिवसेना नेता ने कहा कि इसी प्रकार महाराष्ट्र में लोगों द्वारा निर्वाचित सरकार, मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद है जो कोविड-19 संकट पर गौर करके यह तय करेगी कि राज्य में पाबंदियों में कैसे ढील दी जाए। राज्यपाल द्वारा मुख्मयंत्री से यह सवाल करने पर कि क्या वह धर्मनिरपेक्ष हो गये हैं, राउत ने कहा कि क्या कोश्यारी धर्मनिरपेक्ष नहीं हैं। 

 

 

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