Friday, Jul 23, 2021
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Shardiya Navratri 2020: इस तरह करें मां के स्वागत की तैयारी, जानें पूजा विधि और सामग्री

  • Updated on 10/17/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। इस साल नवरात्रि 17 अक्टूबर से आरंभ होने जा रहा है जो 25 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। इन 9 दिनों में दुर्गा मां की अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। ये नौ दिन भक्त बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। नवरात्रि में मां की चौकी सजा कर कलश स्थापना की जाती है। नवरात्रि की तैयारी में बहुत सारी चीजों की आवश्यकता होती है साथ ही सावधानी भी बरतनी चाहिए। ऐसे में भक्त नवरात्रि से कुछ दिन पहले ही मां के स्वागत की तैयारियां शुरू कर देते हैं। 

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कलश स्थापना
मां के स्वागत से पहले साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की सफाई करें और स्नानादि करने के बाद ही चौकी आदि लगाने का कार्य प्रारंभ करें। नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापना की जाती है इसके लिए आप तांबे, चांदी या मिट्टी का कलश ले सकती हैं।

कलश में डालने के लिए आवश्यक सामाग्री जैसे दूर्वा, अक्षत, सुपारी, सिक्का डाला जाता है और कलश के मुख पर बांधने के लिए कलावा, स्वास्तिक बनाने के लिए कुमकुम, गंगा जल आम के पत्ते, नारियल और उस पर लेपेटने के लिए लाल रंग का कपड़ा, बोने के लिए जौं, साफ बालू या मिट्टी आदि की जरूरत होती है।

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इन सामग्रियों से करें मां की पूजा
इसके अलावा मां को विराजित करने के लिए एक लकड़ी की चौकी और आसन के लिए लाल रंग का कपड़ा लें। फिर चौकी को गंगाजल से स्वच्छ करके उस पर आसन का कपड़ा बिछाएं, इसके बाद मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। मां की की चौकी इस तरह से लगाएं जिससे पूजा करते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर रहे।  मां की पूजा के लिए आवश्यक सामाग्री जैसे कुमकुम, कलावा, लौंग-कपूर, पूजा में उपयोग होने वाली सुपारी, पान के डंडी वाले पत्ते, बताशे, देशी घी, धूपबत्ती, सूखी धूप, दीपक, बाती के लिए रुई आदि। मां के लिए लाल या पीले रंग की चुनरी से मां की पूजा करें।

ऐसे प्रज्वलित करें अखंड ज्योति
नवरात्रि में अखंड ज्योति प्रज्वलित करने के लिए पीतल या मिट्टी का पात्र लें। अखंड ज्योति के लिए गाय के शुद्ध देशी घी का इस्त्माल करें। आप सरसों के तेल या तिल के तेल का प्रयोग भी कर सकते हैं, परंतु उसमें किसी प्रकार की मिलावट नहीं होनी चाहिए। अखंड ज्योति में रुई की बाती के स्थान पर कलावा की बाती का उपयोग करें। 

भूल कर भी न करें ये काम
पूजा के आसन में सफेद या काले रंग के कपड़े का प्रयोग भूलकर भी न करें।
मां के पूजन में किसी प्रकार से प्लास्टिक के बर्तनों का उपयोग न करें।

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