Saturday, Feb 22, 2020
shiv sena saamana muslims from pakistan and bangladesh should be thrown out of the country

CAA के समर्थन में शिवसेना! कहा- बांग्लादेश- PAK से आए मुसलमानों को निकाल फेंकना चाहिए

  • Updated on 1/25/2020

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री और शिवसेना (Shivsena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के नेतृत्व में शिवसेना के मुखपत्र सामना (Saamana) में पाकिस्तानी (Pakistan) और बांग्लादेशी (Bangladesh) मुसलमान घुसपैठियों के खिलाफ एक बार फिर से आवाज बुलंद की गई है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि देश में घुसे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमानों को बाहर निकलाना चाहिए। वहीं सामना में एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे पर भी तंज कसा गया है। 

फडणवीस की पुनरीक्षण याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई करेगा SC

दो झंडों की योजना बनाना ये दुविधा या फिसलती गाड़ी के लक्षण
बता दें कि शिवसेना ने सामना में कहा कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी मुसलमानों को बाहर निकालने के लिए किसी राजनीतिक दल को अपना झंडा बदलना पड़े, ये मजेदार है। दूसरी बात ये कि इसके लिए एक नहीं, दो झंडों की योजना बनाना ये दुविधा या फिसलती गाड़ी के लक्षण हैं। 

Tanhaji को Tax free करने पर अजय देवगन ने महाराष्ट्र सरकार को दिया धन्यवाद

सीएए और एनआरसी को लेकर विरोध
राज ठाकरे और उनकी 14 साल पुरानी पार्टी का गठन मराठा मुद्दे पर हुआ था। लेकिन अब उनकी पार्टी हिंदुत्ववाद की ओर जाती दिख रही है। बता दें कि शिवसेना का बयान उस समय सामने आया है, जब नागरिकता संशोधन अधिनियम और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी गठबंधन की सरकार है।

राज ठाकरे 'मराठी मानुष' से 'हिंदुत्व' की राह पर, बदला MNS का झंडा और नारा

भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच दरार
बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच दरार आ गई थी। इसके बाद शिवसेना ने बीजेपी से किनारा कर लिया था और कांग्रेस व एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी।

भारतीय जनता पार्टी से अलग होने के बावजूद शिवसेना ने नागरिकता संशोधन अधिनियम पर लोकसभा में मोदी सरकार का साथ दिया था। 

अध्यापिका ने आठ साल की बच्ची से कराई 450 उठक-बैठक

हिंदुस्तान के मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं
नागरिकता कानून को लेकर मोदी सरकार का कहना है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धर्म के आधार पर उत्पीड़न का शिकार हुए अल्पसंख्यकों यानी हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, पारसी और बौद्ध समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन अधिनियम बनाया गया है। इसका हिंदुस्तान के मुसलमानों से कोई लेना-देना नहीं हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।

comments

.
.
.
.
.