Wednesday, Jun 29, 2022
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किसानों को कुचलना और विपक्ष की आवाज दबाना क्या भाजपा की नई रणनीति है? : संजय राउत 

  • Updated on 10/4/2021

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को पूछा कि किसानों को कुचलना और उनके समर्थन में आए विपक्षी नेताओं की आवाज दबाना क्या भाजपा की नई रणनीति है? इससे एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। 

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राउत ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि जब (पिछले महीने) मुंबई के साकीनाका में बलात्कार की घटना हुई, तो भाजपा ने हंगामा किया और च्च्हमने (राज्य सरकार ने) किसी को भी अपराध स्थल पर जाने से नहीं रोका।’’ राज्यसभा सदस्य ने पूछा, '(लखीमपुर खीरी में) कथित तौर पर एक मंत्री के बेटे की कार से किसानों को कुचल दिया गया है। इतनी क्रूरता कहां से आती है?'

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महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एवं कांग्रेस की गठबंधन सरकार है। उन्होंने कहा कि (उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने) कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य नेताओं को केंद्र के तीन कृषि कानून को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लखीमपुर खीरी जाने से रोक दिया है। राउत ने कहा, किसानों को कुचलने और उनके साथ एकजुटता दिखाने वाले विपक्षी नेताओं की आवाज दबाना क्या भाजपा की नई रणनीति है?’’ 

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शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हितों के बारे में बोलते हैं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकारें किसानों को कारों से कुचलकर मारती हैं। राउत ने लखीमपुर खीरी की घटना की तुलना क्रांतिकारी बाबू जेनु के मामले से की, जिन्हें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मुंबई में प्रदर्शन के दौरान एक ब्रिटिश ट्रक ने कुचल दिया था।

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