Thursday, Jan 23, 2020
shiv-sena-wants-another-important-post-from-narendra-modi-bjp-government

शिवसेना को चाहिए मोदी सरकार से एक और अहम पद

  • Updated on 6/6/2019

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भाजपा की अगुवाई वाले राजग में शामिल शिवसेना ने गुरुवार को कहा कि उसने लोकसभा में उप सभापति का पद मांगा है । साथ ही पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसकी इस मांग का यह कतई मतलब नहीं है कि वह नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार से असंतुष्ट है।

#Rape आरोपी सेंगर से जेल में मिले साक्षी महाराज, अलका ने कसा BJP पर तंज

शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कोल्हापुर में संवाददाताओं से कहा कि उप सभापति पद की मांग करना उनकी पार्टी का अधिकार है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वह भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार से असंतुष्ट है। 

USA ने आयात शुल्क पर मोदी सरकार को दिया झटका, आर्थिक विशेषज्ञ भी हैरान

ठाकरे ने कहा, ‘‘इस मांग का असर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के साथ हुए गठबंधन पर नहीं पड़ेगा।’ पार्टी के नेता तथा राज्यसभा के सदस्य संजय राउत ने बताया कि पार्टी की मांग भारतीय जनता पार्टी : भाजपा : तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा,‘‘पार्टी ने उप सभापति का पद मांगा है और हमने अपनी मांग भाजपा तक पहुंचा दी है।’’ 

कांग्रेस ने वायु सेना के लापता AN-32 विमान पर मोदी सरकार को घेरा, दागे सवाल

राउत ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और सारे सांसद संसद का अगला सत्र शुरू होने से पहले अगले सप्ताह अयोध्या जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मकसद विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराना है। 

गिरिराज ने ‘इफ्तार’ ट्वीट में NDA नेताओं को बनाया निशाना, शाह ने लगाई फटकार

गौरतलब है कि ठाकरे नवंबर 2018 में अयोध्या गए थे और इसका स्पष्ट उद्देश्य राम मंदिर के मुद्दे पर केन्द्र की मोदी नीत सरकार पर दबाव बनाना था। शिव सेना और भाजपा के संबंध लोकसभा चुनाव से पहले तक काफी तनावपूर्ण थे । काफी मान मनौव्वल के बाद दोनों में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन हुआ था।

मोदी सरकार की जीत के बाद सोशल मीडिया पर फेक न्यूज में भारी गिरावट

Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
comments

.
.
.
.
.