Tuesday, Oct 04, 2022
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फिर छलका शिवपाल यादव का दर्द, बोले हमारे साथ छल ना होता तो विपक्ष में होती भाजपा

  • Updated on 7/13/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। अरे हमें कम से कम स्टार प्रचारक ही बना देते तो कम से कम इज्जत तो बच जाती। लेकिन हमारे साथ छल हुआ। नतीजा आपके सामने है। समाजवादी कुनबे से अलग होकर अपनी राजनीति चला रहे पूर्व मंत्री शिवपाल यादव यह तमाम बातें उनके उस दर्द को बयां करती हैं। जो उन्हें समाजवादी गठबंधन में पिछले दिनों उपेक्षा से हासिल हुआ। बुधवार को वह गाजियाबाद पहुंचे थे। जहां उन्होंने पूर्व आईएएस अधिकारी चक्रपाणि यादव से शास्त्रीनगर में उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से सपा के छल, एनडीए से नजदीकी और उनकी अपनी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के भविष्य पर बातें कीं। 

हमें छला ना जाता तो आज भाजपा विपक्ष में बैठी होती
मीडिया से बातचीत में सपा गठबंधन में उनके साथ जो भी कुछ हुआ उसे छल करार देते हुए, उन्होंने कहा कि अखिलेश खुद उनके पास गठबंधन का प्रस्ताव लेकर आए। उन्होंने अपने लिए सौ सीटें मांगी थीं। लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद भी अगर सपा उन्हें हर मंडल पर भी एक सीट दे देती तो शायद आज भाजपा विपक्ष में बैठी होती। यही उनके साथ हाल के उपचुनावों में भी हुआ। स्टार प्रचारकों की लिस्ट में उनका नाम ही नहीं था। शिवपाल ने दावा किया कि अगर सपा उन्हें स्टार प्रचारकों में शामिल करती तो कम से कम आजमगढ की सीट तो बच ही जाती। 

एनडीए ने भोज पर बुलाया हमारे अपनों ने तो पूछा भी नहीं 
शिवपाल यादव ने राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की प्रत्याशी द्रोपदी मुर्मू का समर्थन करके फिर संकेत दे दिए हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक होने के बावजूद पार्टी से अलग जाकर एनडीए कि राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने पर उन्होंने कहा कि एनडीए ने उन्हें भोज पर बुलाया और वोट मांगा तो उन्होंने समर्थन देने की हामी भर दी। विपक्ष और उनकी अपनी पार्टी ने उनसे कभी राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए वोट नहीं मांगा ना ही उन्हें मीटिंग में बुलाया गया। लिहाजा जो सम्मान देगा उसका समर्थन भी होगा। 

फिर से मैदान में उतरेगी प्रसपा 
शिवपाल यादव ने ऐलान किया कि वह फिर से प्रगातिशील समाजवादी पार्टी को मैदान में उतारने जा रहे हैं। उनका संगठन पहले से ही तैयार है। सभी पदाधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है। उन्होंने नवंबर में होने वाले उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव में समाजवादी पार्टी से अलग प्रत्याशी उतारने की बात कही। 
 

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