Friday, Sep 30, 2022
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार को, मुख्य आरती में CM योगी होंगे शामिल 

  • Updated on 8/18/2022

नई दिल्ली /कमल कांत उपमन्यु। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए मथुरा-वृंदावन सज रहे हैं। हर तिराहे-चौराहे और मठ-मंदिर रंगीन रोशनियों से नहाए भक्तों के स्वागत के लिए तैयार हैं। 19 अगस्त को यहां जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुख्य आरती में शामिल होंगे।

शहर के हर रास्ते पर रौनक है। जगह- जगह कृष्णलीला का मंचन है। इसके लिए लोककलाकारों के 15 मंच बनाए गए हैं। दो साल के कोविड लॉकडाउन के बाद इस साल श्रद्धालुओं की अच्छी भीड़ है। श्रद्धालुओं के रेले को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।

उम्मीद की जा रही है कि इस जन्माष्टमी पर एक करोड़ श्रद्धालु आ सकते हैं, इसलिए तैयारियां भी वैसी हैं। कई स्थानों पर यातायात डायवर्ट किया गया है। करीब दो दर्जन पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। मथुरा के एसएसपी अभिषेक यादव के अनुसार पार्किंग से श्रद्धालु पैदल ही जन्मस्थान तक पहुंचेंगे। रास्ते में हजारों भंडारे- प्याऊ उनकी सेवा में तत्पर रहेंगे। भंडारों की अनुमति के लिए नगर निगम ने भी एकल विंडो स्थापित की है।

सेल्फी प्वाइंट भी:

हर में कई स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए हैं। जहां श्रद्धालु पर्यटक कान्हा के साथ यादगार तस्वीरें ले सकेंगे। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद एवं मथुरा-वृंदावन नगर निगम मिलकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।   

सौ गायों के दूध का पंचामृत:

श्रीकृष्ण जन्मस्थान की गोशाला में पल रही देसी और साहिवाल नस्ल की सौ गायों के दूध से पंचामृत तैयार किया जाएगा।  इन्हीं के दूध से जन्मोत्सव पर लाला का अभिषेक होगा। प्रसाद में भी इन्हीं गायों के दूध का प्रयोग होगा।  

गर्भगृह को कंस के कारागार का रूप दिया

श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर के गर्भगृह को कंस के कारागार का रूप दिया गया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि कंस का कारागार ही श्रीकृष्ण का जन्मस्थान माना जाता है।

पूरे जन्मभूमि परिसर को कई किमी तक लाइटिंग व रोशनी से सजाया जा रहा है। हर चौराहे व मंदिर को ध्वनि एवं प्रकाश से सुसज्जित किया जा रहा है। कोरोना के कारण दो साल से जन्माष्टमी मेला नहीं हुआ था सिर्फ मंदिरों में प्रतीकात्मक पूजन अभिषेक हुआ था।

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