Tuesday, Jun 28, 2022
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बीमार वृद्धा को नहीं मिला स्ट्रेचर, डॉक्टर व वार्ड ब्वॉय बर्खास्त

  • Updated on 6/23/2022

नई दिल्ली/टीम डिजीटल। बीमार वृद्धा को स्ट्रेचर नहीं मिलने और इलाज में लापरवाही बरतने के मामले में जिला एमएमजी अस्तपाल प्रबंधन ने बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल प्रबंधन ने जांच के बाद एआरटी सेंटर प्रभारी और एनसीडी विंग में तैनात वार्ड ब्वॉय को बर्खास्त कर दिया है। एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि मामले को लेकर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी। जांच के बाद कार्रवाई की गई। 

साहिबाबाद निवासी वृद्धा को टीबी संक्रमण था, जिसका उपचार जिला एमएमजी अस्पताल के टीबी विभाग में चल रहा था। स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर वृद्धा की जांच कराने पर 10 जून को एचआईवी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद उसे एआरटी सेंटर में उपचार के लिए बुलाया गया । बीते बुधवार को वृद्धा के परिजनों को एंबुलेंस नहीं मिलने पर उसे ठेले के जरिए एमएमजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे।

अस्पताल में भी बीमार वृद्धा को लेकर कोई गंभीरता नहीं बरती गई। स्ट्रेचर नहीं मिलने पर परिजन काफ ी देर तक वृद्धा को ठेले में ही लेकर इधर-उधर घूमते रहे। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने संज्ञान लेकर सीएमओ को कार्रवाई करने और दो दिन में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद सीएमओ ने एमएमजी अस्पताल के तीन डॉक्टर की जांच कमेटी गठित की गई। कमेटी ने मामले से संबंधित लोगों के बयान लिए गए। 

जांच में एआरटी सेंटर प्रभारी डॉ. शील वर्मा द्वारा वृद्धा को ठेले में ही देखने और हालत खराब होने पर उसे मेरठ मेडिकल रेफर करते हुए परिजनों से एंबुलेंस मंगवाने और वार्ड ब्वॉय मंयक द्वारा वृद्धा को स्टे्रचर या व्हील चेयर नहीं देने का दोषी माना गया। जिसके बाद जांच के आधार पर वार्ड ब्वॉय मयंक को बर्खास्त कर दिया गया है। डॉ. शील वर्मा को बर्खास्त किए जाने की संस्तुति की गई है। दोनों ही संविदा पर जिला अस्पताल में कार्यरत है। 

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